समृद्धि केंद्र गांवों में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और ई-गवर्नेंस पहुंचाएंगे: सिंधिया

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने रविवार को कहा कि नवस्थापित एकीकृत फिजीटल सेवा केंद्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, वित्तीय और ई-गवर्नेस सेवाएं प्रदान करने के दृष्टिकोण को साकार करने में मदद करेगा।

संचार मंत्री ने दूरसंचार विभाग की समृद्ध ग्राम भौतिक डिजिटल सेवा पायलट पहल के तहत गुना जिले के उमरी गांव में समृद्धि केंद्र का उद्घाटन किया, जो एक एकीकृत “भौतिक प्लस डिजिटल” सेवा केंद्र है।

इस पहल के तहत भारतनेट के अंतर्गत निर्मित हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का उपयोग करते हुए डिजिटल बुनियादी ढांचे को ग्रामीण भारत में नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए एक मंच में परिवर्तित किया जा रहा है।

समृद्धि केंद्र को एक एकल-खिड़की सेवा केंद्र के रूप में डिजाइन किया गया है जहां ग्रामीण एक ही स्थान पर स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कौशल विकास, कृषि सहायता, वित्तीय सेवाओं और ई-गवर्नेस सहायता सहित कई सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।

शुभारंभ समारोह में बोलते हुए सिंधिया ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य प्रौद्योगिकी को आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं के साथ जोड़कर गांवों में सीधे नए अवसर लाना है।
उन्होंने कहा, “किसान डिजिटल उपकरणों के माध्यम से मिट्टी की नमी, पोषक तत्वों और फसल के स्वास्थ्य पर वास्तविक समय की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे कृषि अधिक स्मार्ट और अधिक उत्पादक बनेगी।”

सिंधिया ने बताया, “प्रमाणपत्रों से लेकर ई-बैंकिंग तक, सभी आवश्यक सरकारी सेवाएं अब समृद्ध ग्राम परिसर में ही उपलब्ध होंगी। यह वास्तव में भविष्य का कार्यक्रम है, जो यह सुनिश्चित करता है कि प्रगति हर गांव और हर नागरिक तक पहुंचे।”

मंत्री ने आगे कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ हो जाएंगी, जिसमें ऑन-साइट डायग्नोस्टिक्स और दिल्ली जैसे शहरों और अन्य राज्यों के डॉक्टरों के साथ टेली-परामर्श जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “रक्त परीक्षण की रिपोर्ट 30 मिनट से भी कम समय में उपलब्ध हो जाएगी।” समृद्धि केंद्र ग्रामीणों को प्रमाण पत्र, डिजिटल दस्तावेज और ई-बैंकिंग सुविधाओं जैसी आवश्यक सरकारी सेवाओं तक स्थानीय स्तर पर पहुंच प्राप्त करने में भी सक्षम बनाता है।

उन्होंने कहा कि यह पहल भारत के डिजिटल परिवर्तन के अगले चरण का प्रतिनिधित्व करती है, जहां ध्यान केवल कनेक्टिविटी प्रदान करने से हटकर यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित हो रहा है कि इसका उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए किया जाए। (इनपुट-आईएएनएस)

 

 

 

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