27/05/26 | 4:32 pm | CCEA | FPS | NFSA | SARTHAK-PDS

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सार्थक-पीडीएस योजना को मंजूरी, पांच वर्षों में 25,530 करोड़ रुपये खर्च करेगी केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में “राशन परिवहन और हैंडलिंग सहायता-पीडीएस में स्वचालन के साथ आय योजना” (SARTHAK-PDS) को एक अम्ब्रेला योजना के रूप में जारी रखने को मंजूरी दे दी है। इस योजना को 16वें वित्त आयोग चक्र अवधि के दौरान लागू किया जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से 25,530 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सीसीईए ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा खाद्यान्नों की राज्य के भीतर आवाजाही और हैंडलिंग तथा उचित मूल्य दुकान (FPS) डीलरों के मार्जिन पर होने वाले व्यय के लिए केंद्रीय सहायता मानदंडों में संशोधन और वर्तमान वित्तीय सहायता व्यवस्था को जारी रखने का भी निर्णय लिया है।

यह योजना वर्तमान में चल रही दो योजनाओं को एकीकृत करके तैयार की गई है, जिनमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राज्य एजेंसियों को खाद्यान्नों की राज्य के भीतर आवाजाही और एफपीएस डीलरों के मार्जिन हेतु सहायता योजना तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिकीकरण और सुधार योजना (SMART-PDS) शामिल हैं।

सार्थक-पीडीएस योजना का उद्देश्य (क) राज्य के भीतर खाद्यान्नों की आवाजाही, हैंडलिंग और एफपीएस डीलरों के मार्जिन के लिए सुनिश्चित वित्तीय सहायता प्रदान करना तथा (ख) नागरिक-केंद्रित, एकीकृत, बुद्धिमान और इंटरऑपरेबल सार्वजनिक वितरण प्रणाली ढांचा तैयार करना है, जिससे अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सके, रिसाव कम हो और खाद्य सुरक्षा के प्रति देश की प्रतिबद्धता को मजबूत किया जा सके। यह एकीकृत योजना 31 मार्च 2031 तक संचालित होगी।

यह योजना कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग (ML), नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और ब्लॉकचेन जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संचालन को आधुनिक, एकीकृत और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास करेगी। इसके तहत मानकीकृत ढांचे और एकीकृत डेटाबेस तैयार किए जाएंगे, जिससे वास्तविक समय में निगरानी, एआई आधारित शिकायत निवारण और विश्लेषण प्रणाली, डेटा आधारित निगरानी के लिए राज्य कमांड कंट्रोल सेंटर और ISO प्रमाणित प्रक्रिया ढांचे स्थापित किए जा सकेंगे, ताकि पीडीएस संचालन में पारदर्शिता, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित हो सके।

भारत सरकार ने नागरिकों को सम्मानजनक जीवन देने के उद्देश्य से उन्हें पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उपलब्ध कराकर खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने की सामाजिक और कानूनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले 81.35 करोड़ लाभार्थियों के लिए सरकार की इस प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में कार्य करेगी।

पिछले एक दशक में सरकार ने टार्गेटेड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (TPDS) के एंड-टू-एंड कंप्यूटरीकरण, इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट ऑफ पीडीएस (IM-PDS) और SMART-PDS जैसी कई डिजिटलीकरण पहलों को लागू किया है। इसके साथ ही मेरा राशन, अन्न मित्र, राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड और अन्न सहायता जैसे नागरिक-केंद्रित प्लेटफॉर्म भी शुरू किए गए हैं।