केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा के रेवाड़ी स्थित कृषि महाविद्यालय, बावल में आयोजित “खेत बचाओ अभियान” के समापन समारोह और हरियाणा एफपीओ मिशन के शुभारंभ कार्यक्रम में किसानों से टिकाऊ कृषि, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की। इस अवसर पर हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी तथा मत्स्य मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे।
समृद्ध किसान से ही बनेगा विकसित भारत
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत को वैभवशाली, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प तभी पूरा होगा, जब देश का किसान समृद्ध होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए हरियाणा सरकार की नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हरियाणा 24 फसलों पर एमएसपी देने, भावांतर भुगतान योजना लागू करने और बागवानी फसलों को भी भावांतर का लाभ देने वाला अग्रणी राज्य है। “मेरी फसल, मेरा ब्यौरा” और “मेरा पानी, मेरी विरासत” जैसी योजनाएं पूरे देश के लिए उदाहरण हैं।
हरियाणा ने देश को दिखाई नई राह
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक समय भारत को विदेशों से गेहूं आयात करना पड़ता था, लेकिन आज हरियाणा जैसे राज्यों के किसानों की मेहनत से देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत चावल उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर पहुंच चुका है और इसमें हरियाणा के किसानों का बड़ा योगदान है। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा कृषि के साथ-साथ देश की सुरक्षा और खेलों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
संतुलित उर्वरक उपयोग पर दिया जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अत्यधिक रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों के उपयोग से मिट्टी की सेहत लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जरूरत से ज्यादा यूरिया और डीएपी के इस्तेमाल से मिट्टी का क्षरण, अम्लीयता, पोषक तत्वों का असंतुलन और ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन बढ़ रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में धरती की उत्पादक क्षमता पर गंभीर असर पड़ सकता है।
मोबाइल बताएगा मिट्टी की जरूरत
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी तकनीक विकसित कर रही है, जिससे किसानों को स्वाइल हेल्थ कार्ड की जानकारी मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होगी। किसान खेत में खड़े-खड़े ही यह जान सकेंगे कि उनकी मिट्टी में किन पोषक तत्वों की कमी है और कितनी मात्रा में उर्वरक की आवश्यकता है।
प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण पर बल
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से अपने खेत के एक हिस्से में प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सही तरीके से प्राकृतिक खेती करने पर उत्पादन में कमी नहीं आती। उन्होंने कहा कि रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी के सूक्ष्म जीव और केंचुए जैसे जैविक सहयोगी समाप्त हो रहे हैं, जिसे रोकना जरूरी है।
कम पानी वाली फसलों को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय मंत्री ने जलवायु परिवर्तन और अल-नीनो की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को बढ़ावा देने पर काम कर रही हैं। उन्होंने धान की जगह दलहन की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 8,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की हरियाणा सरकार की योजना को किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।
‘खेत बचाओ अभियान’ अब बनेगा मिशन
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “खेत बचाओ अभियान” का समापन नहीं, बल्कि एक नए मिशन की शुरुआत है। उन्होंने घोषणा की कि कृषि मंत्री के रूप में वह प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक दिन किसी न किसी राज्य में “खेत बचाओ अभियान” से जुड़े कार्यक्रम में भाग लेंगे, ताकि किसानों में संतुलित उर्वरक उपयोग, स्वस्थ मिट्टी और टिकाऊ खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
किसानों से लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय मंत्री ने किसानों, महिलाओं और युवाओं को खेत बचाने, धरती की रक्षा करने और संतुलित उर्वरक उपयोग का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर किसानों के साथ कृषि विकास का नया रोडमैप तैयार करेंगी और हरियाणा के मॉडल को पूरे देश में आगे बढ़ाया जाएगा। (इनपुट: पीआईबी)


