23/02/26 | 3:39 pm

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पीएमएस और एलओडीआर नियमों की समीक्षा करेगा सेबी, एआई निगरानी पर जोर

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने सोमवार को कहा कि नियामक पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (पीएमएस), लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (एलओडीआर) नियमों और सेटलमेंट ढांचे की समीक्षा करेगा। इन विषयों पर कंसल्टेशन पेपर जून में जारी किया जा सकता है।

निवेशक हित केंद्र में, नियमों की समीक्षा जरूरी

पोर्टफोलियो मैनेजर्स कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए पांडेय ने कहा कि पीएमएस फ्रेमवर्क में निवेशक सबसे अहम पहलू है। इस सेगमेंट में पारदर्शिता पहले से बेहतर हुई है, लेकिन बाजार में बदलाव और नए निवेश उत्पादों के कारण मौजूदा नियमों की समीक्षा करना जरूरी हो गया है।

एआई से रियल-टाइम निगरानी की तैयारी

उन्होंने बताया कि सेबी बाजार की गड़बड़ियों का वास्तविक समय में पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाश रहा है, ताकि तुरंत समाधान किया जा सके।

कॉरपोरेट बॉन्ड इंडेक्स पर सेबी-आरबीआई की पहल

पांडेय ने कहा कि सेबी और भारतीय रिजर्व बैंक बाजार को गहराई देने के उद्देश्य से कॉरपोरेट बॉन्ड इंडेक्स या उससे जुड़े उत्पाद विकसित करने पर काम कर रहे हैं। इन्हें एक्सचेंज पर ट्रेड किया जा सकेगा, जिससे निवेशकों के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।

ट्रेडिंग फंडिंग नियमों में सख्ती के संकेत

उन्होंने ट्रेडिंग से जुड़ी फंडिंग के नियमों में बदलाव के संकेत भी दिए। आरबीआई के लेंडिंग नियमों की समीक्षा कर सेबी अपनी राय आरबीआई के साथ साझा करेगा। इससे संकेत मिलता है कि मार्जिन ट्रेडिंग या लोन लेकर ट्रेडिंग से जुड़े नियम और सख्त हो सकते हैं।

तेज आर्थिक वृद्धि से बढ़ेंगे निवेशक

पांडेय ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है और जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। इस तेज आर्थिक वृद्धि से देश में निवेशकों की संख्या भी बढ़ने की उम्मीद है। (इनपुट: आईएएनएस)