पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को तेज उछाल देखा गया। यमन के हूती विद्रोही समूह के संघर्ष में शामिल होने के बाद वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.66% बढ़कर 116.70 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो 52 हफ्तों के उच्च स्तर के करीब है। वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3% से ज्यादा बढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
तेल की कीमतों में यह तेजी हूती बलों द्वारा इजरायल पर मिसाइल हमलों के बाद आई है। समूह ने चेतावनी दी है कि जब तक ईरान और उसके सहयोगियों पर हमले बंद नहीं होते, तब तक हमले जारी रहेंगे।
मार्च महीने में ही ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 50% से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव जारी रहा, तो तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक भी जा सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। इससे महंगाई बढ़ सकती है, कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है और देश के चालू खाते (करंट अकाउंट) पर दबाव बढ़ सकता है।
वैश्विक शेयर बाजारों पर भी इसका असर दिखा। अमेरिका और एशिया के बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। वॉल स्ट्रीट में एसएंडपी 500 करीब 1.67% और नैस्डैक करीब 2% गिरा।
एशिया में जापान का निक्केई लगभग 4% गिरा, जबकि हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजारों में भी कमजोरी रही।
भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूता नहीं रहा। सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में 1% से ज्यादा गिरावट के साथ खुले।
-(इनपुटःएजेंसी)


