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शिवराज सिंह चौहान और रेवंत रेड्डी की बैठक, कृषि और ग्रामीण विकास पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को नई दिल्ली में तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से मुलाकात कर कृषि, ग्रामीण विकास और किसानों के कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G), विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), सूखा प्रबंधन, कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल तकनीक के उपयोग सहित कई विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

PMAY-G और ग्रामीण विकास योजनाओं पर चर्चा

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत राज्य के लगभग 11.56 लाख पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों और कम वर्षा से उत्पन्न कृषि संबंधी चुनौतियों की जानकारी भी केंद्रीय मंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों का आकलन करने के लिए केंद्र से विशेषज्ञ दल भेजने का आग्रह किया।

कृषि में AI और डिजिटल तकनीक पर जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि तेलंगाना सरकार कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भू-स्थानिक (Geospatial) तकनीक और डिजिटल नवाचारों का व्यापक उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘कृषि मित्र’ मॉडल के जरिए किसानों को खेत स्तर पर समयबद्ध सलाह दी जा रही है। राज्य में 70 लाख से अधिक किसानों का डिजिटल डाटाबेस तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से उर्वरकों की उपलब्धता, ऑनलाइन बुकिंग और वितरण को पारदर्शी बनाया गया है। साथ ही यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली भी विकसित की गई है।

कम वर्षा के बावजूद बढ़ा फसल कवरेज

मुख्यमंत्री ने कहा कि कम वर्षा के बावजूद राज्य में फसल कवरेज पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अधिक है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और प्रत्येक जिले के लिए कंटिंजेंसी प्लान तैयार किया गया है, ताकि कम पानी वाली फसलों और उपयुक्त बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

वैज्ञानिक कृषि रोडमैप तैयार करने पर बल

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों का हित केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और कृषि क्षेत्र में केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सूखा प्रभावित क्षेत्रों के वैज्ञानिक आकलन, समयबद्ध सहायता और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), राज्य सरकार तथा कृषि विश्वविद्यालयों के सहयोग से तेलंगाना के लिए वैज्ञानिक कृषि रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया।

तकनीक आधारित कृषि मॉडल की सराहना

शिवराज सिंह चौहान ने कृषि में आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल नवाचारों के उपयोग की सराहना करते हुए कहा कि इससे उत्पादकता बढ़ाने, लागत कम करने और किसानों को समय पर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने तेलंगाना की तकनीक आधारित कृषि प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन कर उसकी श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अन्य राज्यों में भी अपनाने की संभावनाएं तलाशने की बात कही।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर भी हुई समीक्षा

बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और फसल क्षति से सुरक्षा प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से अधिक किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाया जा सकता है और राज्यों के सुझावों पर सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार किया जाएगा।

तेलंगाना दौरे का निमंत्रण स्वीकार

ग्रामीण विकास योजनाओं पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास और गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य सरकार के प्रस्तावों पर नियमानुसार विचार कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शिवराज सिंह चौहान को तेलंगाना आने का निमंत्रण दिया, जिसे केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार कर लिया। दोनों नेताओं ने कृषि में तकनीकी नवाचार, जलवायु अनुकूल खेती, किसानों की आय बढ़ाने और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। (इनपुट: पीआईबी)