केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देशभर में खरीफ फसलों की कटाई, मौजूदा मौसमी परिस्थितियों और रबी सत्र की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में सूखे, चक्रवाती प्रभाव और अनियमित वर्षा से उत्पन्न परिस्थितियों पर चर्चा की गई। चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संकट की स्थिति में किसानों के प्रति पूरी संवेदनशीलता बरती जाए और राहत कार्यों में किसी भी तरह की प्रक्रियात्मक देरी न हो। उन्होंने कहा कि अन्नदाता की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और केंद्र सरकार संकट की हर स्थिति में किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। बैठक में कृषि सचिव अतीश चंद्रा सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
रबी बुआई के लिए खेतों की नमी का अधिकतम उपयोग
समीक्षा बैठक में बताया गया कि देशभर में खरीफ फसलों की कटाई जारी है। मूंग और सोयाबीन जैसी प्रमुख फसलों की कटाई अंतिम चरण में है। चौहान ने कहा कि कटाई के तुरंत बाद खेतों में उपलब्ध नमी का अधिकतम उपयोग करते हुए रबी फसलों की बुआई को गति दी जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में सिंचाई के पानी की सीमित उपलब्धता है, वहां किसानों को चना, सरसों, मसूर और मोटे अनाज जैसी कम पानी और कम लागत वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। तापमान में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिकों द्वारा विकसित जलवायु अनुकूल और गर्मी रोधी उन्नत बीज भी किसानों तक समय पर पहुंचाए जाएं।
रबी सत्र के लिए खाद और बीज का पर्याप्त स्टॉक
केंद्रीय कृषि मंत्री ने देश में खाद और उर्वरकों की स्थिति का भी जायजा लिया। समीक्षा में बताया गया कि रबी सत्र के लिए यूरिया, डीएपी, एमओपी और एनपीके सहित जरूरी उर्वरकों तथा प्रमाणित बीजों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। किसानों को बुआई के समय किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए राज्यों के साथ समन्वय कर जिला स्तर तक उर्वरकों और बीजों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। चौहान ने अधिकारियों को आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए।
कई प्रमुख फसलों के दाम एमएसपी से ऊपर
मंडियों के विश्लेषण के दौरान यह भी सामने आया कि धान, गेहूं, मक्का, चना, मसूर, अरहर, सोयाबीन और सरसों जैसी प्रमुख फसलों के दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर चल रहे हैं। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर और लाभकारी मूल्य मिलने की स्थिति बनी हुई है।
आपदा प्रभावित किसानों को समय पर मिले राहत
प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों की स्थिति की समीक्षा करते हुए चौहान ने कहा कि अत्यधिक वर्षा और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे सूखे से जूझ रहे राज्यों में भी केंद्र सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि एनडीआरएफ के तहत फसल क्षति का त्वरित आकलन किया जाए और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दावों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
चक्रवाती बारिश की नमी का रबी बुआई में होगा उपयोग
चौहान ने आगामी चक्रवाती बारिश से बनने वाली नमी का लाभ रबी फसलों की बुआई में उठाने के लिए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम की परिस्थितियों के अनुरूप किसानों को समय पर आवश्यक सलाह और सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
हर सप्ताह होगी कृषि क्षेत्र की स्थिति की समीक्षा
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि वह स्वयं कृषि क्षेत्र और किसानों से जुड़े मुद्दों की हर सप्ताह समीक्षा करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकारों और मुख्यमंत्रियों से सीधे संवाद कर किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कम पानी और अधिक तापमान सहने वाली फसलों को बढ़ावा देने के साथ किसानों को जलवायु अनुकूल खेती के लिए प्रोत्साहित करना समय की जरूरत है। सरकार का प्रयास है कि मौसम संबंधी चुनौतियों के बीच भी किसानों को फसल उत्पादन और आय के स्तर पर किसी तरह की अनावश्यक परेशानी न हो। (इनपुट: पीआईबी)


