प्रतिक्रिया | Wednesday, May 22, 2024

 

अपनी कमाई के एक हिस्सों को बचत के तौर पर निवेश के लिए एसआईपी का चलन बढ़ने लगा है। इसी क्रम में अब सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानि एसआईपी के जरिए म्यूचुअल फंडों में होने वाला निवेश अप्रैल के महीने में पहली बार 20 हजार करोड़ रुपये के स्तर को भी पार कर गया। इसके पहले मार्च में एसआईपी के जरिए 19,271 करोड़ रुपये का निवेश किया गया था, जबकि फरवरी के महीने में ये आंकड़ा 19,187 करोड़ रुपये का था। एसआईपी के जरिये होने वाले निवेश में बढ़ोतरी से इस बात के संकेत मिलते हैं कि देश में दीर्घकालीन लघु बचत के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है।

म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश में बढ़ोतरी
एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल के महीने में म्यूचुअल फंड्स में नेट इनफ्लो (म्यूचुअल फंड्स में नया निवेश) बढ़ कर 2.39 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसके पहले मार्च के महीने में 1.59 लाख करोड़ रुपये का नेट आउटफ्लो (म्युचुअल फंड्स से पैसे की निकासी) रहा था। इन आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल के महीने में हर कैटेगरी के म्युचुअल फंड स्कीम्स में निवेश में बढ़ोतरी हुई, जिसके कारण ओपन एंडेड इक्विटी फंड्स में लगातार 38वें महीने निवेश पॉजिटिव नजर आया।

 

कहां कितना हुआ निवेश
आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में लार्जकैप फंड में 358 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि मिडकैप फंड में निवेश 76.19 प्रतिशत उछल कर 1,793 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह स्मॉल कैप फंड में भी अप्रैल के महीने में 2,209 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ। इसके अलावा डेट फंड्स में भी अप्रैल के महीने में 1.90 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया गया। हालांकि, अप्रैल के महीने में टैक्स सेविंग फंड (ईएलएसएस) कैटेगरी में 144 करोड़ रुपये का और फोकस्ड फंड कैटेगरी में 328 करोड़ रुपये का नेट आउटफ्लो भी देखा गया।

दरअसल, 1 अप्रैल से केवाईसी के नियम लागू होने के बाद इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि इसका असर म्यूचुअल फंड्स में होने वाले निवेश पर भी पड़ सकता है लेकिन अप्रैल महीने के आंकड़ों से स्पष्ट है कि लोगों का रुझान म्यूचुअल फंड्स की ओर बढ़ा है। खासकर एसआईपी के जरिए होने वाले निवेश में लगातार बढ़ोतरी हुई है।

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आखरी अपडेट: 22nd May 2024