जम्मू-कश्मीर में आगामी 1 फरवरी से भारी हिमपात की चेतावनी जारी की गई है। इस संबंध में मौसम विभाग (IMD) ने एक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी की भविष्यवाणी की है, जिसके चलते 10 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।
मुख्य बातें:
- भारी बर्फबारी का अनुमान: 31 जनवरी रात से शुरू होकर 1 फरवरी और 2 फरवरी तक प्रभाव रहेगा। ऊंचे इलाकों में मध्यम से भारी बर्फबारी (moderate to heavy snowfall) संभावित है, जबकि मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी या बारिश हो सकती है। साथ में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाएं (30-50 किमी/घंटा) चलने की आशंका।
- अलर्ट वाले जिले: उधमपुर सहित कई जिलों में अलर्ट है। हाल के अपडेट्स में हिमस्खलन (avalanche) की चेतावनी 10-11 जिलों जैसे गांदरबल, अनंतनाग, बारामूला, कुलगाम, कुपवाड़ा, डोडा, किश्तवाड़, पूंछ, राजौरी आदि में जारी की गई है।
- तापमान अपडेट: श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 1.3°C (एक महीने बाद शून्य से ऊपर), गुलमर्ग में -9°C, पहलगाम में -5.3°C दर्ज किया गया। जम्मू में 9.3°C, कटरा 8.4°C, बनिहाल 1.1°C और भद्रवाह में -1°C रहा।
- पानी और कृषि पर असर: जम्मू-कश्मीर में ज्यादातर बर्फबारी चिल्लई कलां (40 दिनों की अवधि) में होती है, जो पीने के पानी, सिंचाई और नदियों के लिए महत्वपूर्ण है। अभी तक घाटी में कम बर्फबारी हुई, नदियां-झरने निचले स्तर पर थे। यह नया दौर जलाशयों को भरने में मदद कर सकता है, लेकिन किसानों को 2 फरवरी तक खेती का काम रोकने की सलाह दी गई है।
सुरक्षा सलाह:
- बर्फबारी वाले इलाकों में अगले 75 घंटों तक केवल बहुत जरूरी काम पर ही घर से निकलें।
- श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे पर यात्रा से पहले ट्रैफिक कंट्रोल रूम से संपर्क करें।
- हिमस्खलन वाले ऊंचे इलाकों में न जाएं।
- यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों को सड़कों की स्थिति पहले चेक करने को कहा गया है।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भूमध्य सागर से आने वाला एक्स्ट्रा-ट्रॉपिकल सिस्टम है, जो भारत समेत पड़ोसी देशों में सर्दियों की बारिश-बर्फबारी लाता है। रबी फसलों के लिए यह फायदेमंद है, लेकिन अचानक भारी बर्फबारी से ट्रैफिक, उड़ानें और दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। (इनपुट-एजेंसी)


