सौर ऊर्जा निगम लिमिटेड (एसईसीआई) ने 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के विद्युत बिक्री समझौतें (पीएसए) किए हैं। यह उपलब्धि भारत को स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा भविष्य की ओर ले जाने में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह जानकारी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने दी है।
नवीकरणीय ऊर्जा के लिए किए गए इन समझौतों में सौर, पवन और हाइब्रिड परियोजनाओं का समावेश
सौर ऊर्जा निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संतोष कुमार सरंगी के अनुसार 14 वर्षों में 60 गीगावाट पीएसए के निष्पादन ने निगम की यात्रा में एक निर्णायक क्षण को चिह्नित किया है। मंत्रालय के अनुसार नवीकरणीय ऊर्जा के लिए किए गए इन समझौतों में सौर, पवन और हाइब्रिड परियोजनाओं का समावेश है।
यह भारत की बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का एक बड़ा हिस्सा
यह भारत की बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का एक बड़ा हिस्सा है। इन समझौतों के माध्यम से निगम लंबे समय तक उत्पादित ऊर्जा की खरीद सुनिश्चित करता है, जिससे परियोजना निर्माताओं और निवेशकों को भुगतान सुरक्षा मिलती है। यह व्यवस्था नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाती है।
इन दीर्घकालिक समझौतों से देश में नवीकरणीय ऊर्जा बाजार को मिलता है बल
इन दीर्घकालिक समझौतों से देश में नवीकरणीय ऊर्जा बाजार को बल मिलता है। इससे निजी कंपनियों और वित्तीय संस्थानों का भरोसा बढ़ता है और कम-कार्बन अर्थव्यवस्था के लिए पूंजी प्रवाह को गति मिलती है। भविष्य की योजनाओं में ऊर्जा भंडारण, हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया का उत्पादन, आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूती और नवीन आपूर्ति मॉडल विकसित करना शामिल है।
उल्लेखनीय है कि सौर ऊर्जा निगम भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत एक नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है। इसकी स्थापना वर्ष 2011 में हुई थी और यह नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।


