दिल्ली स्थित आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) के विकिरण ऑन्कोलॉजी विभाग में 25 मई 2026 को रिंग गैन्ट्री आधारित लीनियर एक्सीलरेटर का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह उपस्थित रहे। यह उन्नत तकनीक अस्पताल में कैंसर देखभाल सेवाओं को और मजबूत करेगी तथा सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
मरीजों को मिलेगी अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी सुविधा
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस नई तकनीक से अस्पताल की आंतरिक उपचार क्षमता बढ़ेगी और बड़ी संख्या में मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा सकेगा। यह लीनियर एक्सीलरेटर आधुनिक रेडियोथेरेपी तकनीकों जैसे वॉल्यूमेट्रिक मॉड्युलेटेड आर्क थेरेपी, इंटेंसिटी-मॉड्यूलेटेड रेडिएशन थेरेपी, इमेज-गाइडेड रेडिएशन थेरेपी, स्टीरियोटैक्टिक बॉडी रेडिएशन थेरेपी और स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी प्रदान करने में सक्षम है।
सामान्य ऊतकों को कम नुकसान, उपचार होगा अधिक सटीक
नई तकनीक ट्यूमर कोशिकाओं तक अत्यंत सटीक विकिरण पहुंचाने में मदद करती है, जबकि आसपास के सामान्य ऊतकों पर विकिरण के प्रभाव को कम करती है। इससे कैंसर उपचार के बेहतर परिणाम मिलने के साथ मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
एएफएमएस के ऑन्कोलॉजी सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम
सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के अंतर्गत इस लीनियर एक्सीलरेटर की खरीद को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पुरानी तकनीक आधारित उपकरणों की तुलना में यह अत्याधुनिक प्रणाली अधिक प्रभावी और उन्नत मानी जाती है। एएफएमएस के अंतर्गत अन्य ऑन्कोलॉजी केंद्रों का भी चरणबद्ध तरीके से आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर डीजी एएफएमएस सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन, आर्मी हॉस्पिटल (आर एंड आर) के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। (इनपुट: पीआईबी)


