कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में चल रहे ‘एयरो इंडिया 2025’ में भारतीय वायुसेना के विमान आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बने हुए हैं। इसके साथ ही स्पेस किड्ज इंडिया का एक स्टॉल भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। स्पेस किड्ज इंडिया के स्टॉल पर इसरो के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसमें बताया जा रहा कि अंतरिक्ष में किस तरह से सैटेलाइट को लॉन्च करते हैं। इसके अलावा यहां “डिप्लॉयर एक्स” के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
स्पेस किड्ज इंडिया के टेक लीड गोकुल ने बताया कि इस बार उन्होंने “डिप्लॉयर एक्स” को प्रदर्शित किया है। यह एक खास उपकरण है जिसका उपयोग छोटे उपग्रहों (क्यूबसैट) को अंतरिक्ष में तैनात करने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा, “हम जल्द ही एक नया मिशन लॉन्च करने जा रहे हैं जिसमें चंद्रमा पर हार्ड लैंडिंग की जाएगी। यह हमारे लिए एक बड़ा कदम होगा।”
गौरतलब है कि स्पेस किड्ज इंडिया एक एयरोस्पेस और रक्षा संगठन है जो छात्रों को अंतरिक्ष अनुसंधान से जोड़ने के लिए जाना जाता है। इस संगठन ने अब तक 19 बैलूनसैट, 3 सबऑर्बिटल पेलोड और 5 ऑर्बिटल सैटेलाइट लॉन्च किए हैं। यह इसरो, नासा और ईएसए जैसे बड़े अंतरिक्ष संगठनों के साथ मिलकर काम करता है और छात्रों को उपग्रह बनाने का अवसर देता है।
भारत 2023 में, जब स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मना रहा था तब स्पेस किड्ज इंडिया ने 750 स्कूली छात्राओं को एक साथ लाकर “आजादी सैटेलाइट” तैयार किया था। यह मिशन देश के युवाओं को विज्ञान और अंतरिक्ष क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल थी।
यह पहली बार है जब स्पेस किड्ज इंडिया ने एयरो इंडिया शो में अपना स्टॉल लगाया है। इसमें प्रदर्शित “डिप्लॉयर एक्स” खासतौर पर 1यू से 3यू क्यूबसैट के लिए डिजाइन किया गया है और यह हल्के वजन का है।


