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आध्यात्मिक सशक्तीकरण से आंतरिक शांति और बेहतर विश्व का निर्माण

ब्रह्माकुमारीज द्वारा माउंट आबू में आयोजित राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन में आध्यात्मिक सशक्तीकरण, आंतरिक शांति और मानवीय मूल्यों के माध्यम से बेहतर विश्व के निर्माण पर जोर दिया गया। सम्मेलन में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि सत्य, आत्म-जागरूकता, शांति और नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण व्यक्ति समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

“बेहतर विश्व के निर्माण के लिए सशक्त मीडिया” विषय पर आयोजित पांच दिवसीय सम्मेलन में प्रिंट, टेलीविजन, डिजिटल और सोशल मीडिया, जनसंपर्क, शिक्षा तथा संचार के अन्य क्षेत्रों से जुड़े 1,600 से अधिक पेशेवरों ने भाग लिया।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य मीडिया पेशेवरों को आंतरिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें जीवन में शांति, सत्य तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि जब व्यक्ति स्वयं आंतरिक रूप से शांत, स्थिर और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध होता है, तो वह अपने कार्यों के माध्यम से समाज को भी सकारात्मक दिशा दे सकता है।

सम्मेलन में प्रस्तुत सात सूत्रीय कार्ययोजना में सत्य, पारदर्शिता और विश्वास को जिम्मेदार पत्रकारिता का आधार बनाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही समाज की समस्याओं को उजागर करने के साथ-साथ उनके समाधान और सकारात्मक पहलुओं को सामने लाने की आवश्यकता बताई गई।

कार्ययोजना में मीडिया और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने तथा लोगों को डिजिटल माध्यमों के जिम्मेदार उपयोग के लिए जागरूक करने पर भी बल दिया गया। इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सोशल मीडिया के नैतिक एवं जिम्मेदार इस्तेमाल को समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया गया।

सम्मेलन में शांति, समानता, समावेशिता, सतत विकास और साझा मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। मीडिया और जनसंपर्क क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, ताकि संवाद के माध्यम से सामाजिक सद्भाव और सकारात्मक सोच को मजबूत किया जा सके।

इस अवसर पर विभिन्न माध्यमों से जुड़े लोगों के बीच संवाद को बढ़ावा देने और उभरती चुनौतियों पर विचार-विमर्श के लिए एक राष्ट्रीय मीडिया परिषद स्थापित करने की संभावना पर भी चर्चा की गई।

सम्मेलन में राजयोग ध्यान के माध्यम से आंतरिक शांति, आत्म-जागरूकता और मानसिक स्थिरता विकसित करने के महत्व को रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आध्यात्मिकता केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के व्यवहार, निर्णयों और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।

सम्मेलन का संदेश था कि आंतरिक शांति, सत्य, नैतिकता और मानवीय मूल्यों से प्रेरित व्यक्ति समाज में विश्वास, सद्भाव और सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा दे सकता है। आध्यात्मिक सशक्तीकरण के माध्यम से न केवल व्यक्तिगत जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है, बल्कि एक शांतिपूर्ण, संवेदनशील और बेहतर विश्व के निर्माण में भी योगदान दिया जा सकता है।