गाजियाबाद में अत्याधुनिक जूता परीक्षण प्रयोगशाला शुरू, एमएसएमई और निर्यातकों को मिलेगा बड़ा लाभ

भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के विभाग के अंतर्गत गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय परीक्षण गृह (एनटीएच), उत्तरी क्षेत्र ने अत्याधुनिक जूता परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना की है। इस नई सुविधा से देशभर के एमएसएमई, निर्माताओं, निर्यातकों, उपभोक्ताओं और नियामक एजेंसियों को व्यापक, विश्वसनीय और उच्च परिशुद्धता वाली फुटवियर परीक्षण सेवाएं मिल सकेंगी।

गुणवत्ता अवसंरचना को मिलेगी मजबूती

यह प्रयोगशाला भारत के तेजी से बढ़ते फुटवियर उद्योग के लिए गुणवत्ता आश्वासन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे भारत की विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता और वैश्विक बाजार में स्वीकार्यता बढ़ेगी।

आधुनिक उपकरणों से लैस प्रयोगशाला

एनटीएच गाजियाबाद की यह उन्नत प्रयोगशाला आधुनिक परीक्षण उपकरणों और अत्याधुनिक अवसंरचना से सुसज्जित है। यहां भारतीय मानकों (आईएस) के अनुसार विभिन्न प्रकार के जूतों और फुटवियर उत्पादों की गुणवत्ता जांच की जाएगी। प्रयोगशाला सुरक्षा और औद्योगिक जूते, स्कूल और चमड़े के जूते, पीवीसी फुटवियर, सैंडल-चप्पल, बच्चों के जूते, खेल के जूते और जोखिमपूर्ण कार्य वातावरण के लिए विशेष सुरक्षात्मक जूतों की जांच करने में सक्षम होगी।

टिकाऊपन और सुरक्षा की होगी जांच

प्रयोगशाला में फुटवियर की सुरक्षा, टिकाऊपन, आराम और कार्यक्षमता से जुड़े विभिन्न परीक्षण किए जाएंगे। इसमें फिसलन से सुरक्षा, सामग्री की मजबूती, टिकाऊपन और हानिकारक रसायनों एवं रंगों की मौजूदगी जैसे मानकों की जांच शामिल होगी।

एमएसएमई और छोटे निर्माताओं को राहत

यह सुविधा विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा छोटे निर्माताओं के लिए लाभकारी होगी। यहां अपेक्षाकृत कम शुल्क पर सटीक और समयबद्ध परीक्षण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे गुणवत्ता परीक्षण अधिक सुलभ हो सकेगा।

प्रमुख फुटवियर केंद्रों के पास रणनीतिक स्थिति

गाजियाबाद में स्थापित यह प्रयोगशाला दिल्ली-एनसीआर, कानपुर और आगरा जैसे प्रमुख फुटवियर निर्माण केंद्रों के करीब स्थित है। इससे नमूनों की जांच तेजी से हो सकेगी और लॉजिस्टिक्स लागत भी कम होगी।

निर्यात प्रतिस्पर्धा को मिलेगा बढ़ावा

सरकार के अनुसार यह प्रयोगशाला भारतीय फुटवियर उत्पादों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे उपभोक्ता विश्वास बढ़ेगा, उत्पाद गुणवत्ता बेहतर होगी और निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूती मिलेगी।

‘मेक इन इंडिया’ और ‘विकसित भारत’ को मिलेगा समर्थन

यह पहल ‘विकसित भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप है। सरकार का कहना है कि परीक्षण और प्रमाणन अवसंरचना को मजबूत कर भारत को गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। (इनपुट: पीआईबी)