प्रतिक्रिया | Wednesday, May 22, 2024

13/05/24 | 5:55 pm

कुप्रथाओं के खिलाफ लड़ने वाली पद्मश्री बिरुबाला राभा का निधन

जीवनभर टोना टोटका व डायन हत्या जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ लड़ने वाली पद्मश्री बिरुबाला राभा का आज सोमवार को निधन हो गया। उन्होंने आज सुबह 9.23 बजे गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थीं। राभा के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने शोक व्यक्त किया और राभा का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ करने की घोषणा की।

ग्वालपाड़ा में असम-मेघालय सीमा पर ठाकुरविला नामक गांव के एक किसान परिवार में 1954 में जन्मीं बिरुबाला राभा पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद स्कूल छोड़ दिया था। वह बचपन से ही विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में शामिल रहीं। वर्ष 2000 से उन्होंने समाज में प्रचलित जादू-टोना के खिलाफ काम किया। पिछले दो दशकों से वह ग्वालपाड़ा जिले में फैले अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता लाने के लिए अथक संघर्ष किया। उन्होंने गांवों में जाकर अंधविश्वासों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने की कोशिश की। राभा ने असम में जादू-टोने के संदेह में प्रताड़ित कई लोगों की मदद की थी।

वर्ष 2021 में उन्हें समाज सेवा के लिए केंद्र सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया

बिरुबाला राभा को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए विभिन्न पुरस्कारों और सम्मानों से भी सम्मानित किया गया। वर्ष 2021 में उन्हें समाज सेवा के लिए केंद्र सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया था। इसके अलावा राभा को वर्ष 2011 में सर्वेश्वर दत्त सोवर्णी पुरस्कार, वर्ष 2008 में मुंबई में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिडेट ने सम्मानित किया गया था। नगांव के आनंदराम ढेकियाल फुकन कॉलेज ने उन्हें वर्ष 2019 में ‘आनंदराम ढेकियाल फुकन पुरस्कार’ और वर्ष 2015 में उपेंद्रनाथ ब्रह्म सोल्जर ऑफ ह्यूमैनिटी अवार्ड मिला था।

मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने बिरुबाला राभा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “महान हस्ती बीरुबाला राभा के निधन की खबर से गहरा दुख हुआ। मैं ईश्वर से उनकी दिवंगत आत्मा की चिर शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। समाज से डायन-हत्या को पूरी तरह से मिटाने के लिए अथक प्रयास करती रहीं समाज सुधारक पद्मश्री बीरुबाला राभा के निधन पर शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।’ दिवंगत बिरुबाला राभा का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ सरमा ने कैबिनेट मंत्री चंद्रमोहन पटवारी और जयंत मल्लबरुवा को इसकी व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

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आखरी अपडेट: 22nd May 2024