त्योहारों का मौसम आते ही ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर मेगा सेल, बंपर डिस्काउंट और आकर्षक ऑफर्स की भरमार हो जाती है। लेकिन सस्ते सामान की तलाश में की गई एक छोटी-सी गलती आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। साइबर ठग नकली वेबसाइट, फर्जी सोशल मीडिया विज्ञापन, मिलते-जुलते URL और झूठे डिस्काउंट के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग के साथ होटल बुकिंग, ट्रेन और फ्लाइट टिकट तथा त्योहारों से जुड़े उत्पादों की खरीदारी में भी धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं।
फर्जी वेबसाइट और विज्ञापनों से सावधान
साइबर ठगी का एक आम तरीका फिशिंग स्कैम है। इसमें ठग लोकप्रिय ई-कॉमर्स कंपनियों जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट तैयार करते हैं। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आकर्षक विज्ञापन दिखाकर लोगों को इन वेबसाइटों तक पहुंचाया जाता है। ग्राहक सामान चुनकर भुगतान कर देते हैं, लेकिन ऑर्डर नहीं पहुंचता। कई मामलों में उनकी निजी जानकारी भी चोरी हो जाती है। साइबर अलर्ट की पड़ताल में फ्लिपकार्ट जैसी दिखने वाली वेबसाइट का उदाहरण सामने आया, जिसका URL big-deals-4.netify.app/sale/ था। इसी तरह मीशो के लोगो का इस्तेमाल करके बेहद कम कीमत पर कपड़ों के ऑफर दिखाने वाले विज्ञापनों के जरिए भी लोगों को आकर्षित किया जा रहा है। कुछ विज्ञापनों में 149 रुपये में तीन सूट और 199 रुपये में तीन कुर्ता सेट जैसे ऑफर किए गए। शिकायतों में लोगों ने बताया कि भुगतान मीशो के बजाय किसी दूसरे नाम या जनरल स्टोर के खाते में चला गया।त्योहारों की मांग को देखते हुए ड्राई फ्रूट और पटाखों के नाम पर भी लुभावने ऑफर दिए जा रहे हैं। एक उदाहरण में 239 रुपये में चार किलो ड्राई फ्रूट का ऑफर दिखाया गया। एक विज्ञापन के संबंध में मेटा की ऐड लाइब्रेरी में लगभग 240 ऐसे विज्ञापनों का उल्लेख किया गया है जो फर्जी हैं और लोगों को फंसा कर उनका खाता खाली कर रहे थे।
गूगल सर्च और होटल बुकिंग में भी जोखिम
सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, गूगल सर्च के जरिए भी लोग नकली वेबसाइट या फर्जी कस्टमर केयर नंबर तक पहुंच सकते हैं। इसलिए होटल, धर्मशाला या यात्रा से जुड़ी जानकारी के लिए संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट से ही संपर्क करना चाहिए। पुरी के होटल सोनार बांग्ला के मुकाबले मिलते-जुलते नाम वाले संदिग्ध वेब पेज का निर्माण करके लोगों को ठगा जा रहा है। ऐसी नकली वेबसाइटों पर अग्रिम भुगतान करने के बाद यात्रियों को पता चलता है कि उनकी बुकिंग हुई ही नहीं। ट्रेन टिकट के लिए IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का इस्तेमाल करना चाहिए। फ्लाइट टिकट और कार रेंटल के नाम पर मिलने वाले अनजान लिंक से भी सावधान रहें।
ऑनलाइन शॉपिंग के नियमों में बदलाव
Consumer Protection (E-Commerce) (Amendment) Rules, 2026* के तहत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारियां बढ़ाई गई हैं। ये नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होने के लिए बताए गए हैं। इनमें छूट से पहले की कीमत, सर्च रिजल्ट और स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग की पारदर्शिता, विक्रेता की जानकारी, उत्पाद और आयातक का विवरण, डार्क पैटर्न, उपभोक्ता डेटा तथा शिकायत निवारण से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। नियम के अंतर्गत शिकायत मिलने के 48 घंटे के भीतर उसकी प्राप्ति की पुष्टि और एक महीने के भीतर शिकायत के निपटारे की आवश्यकता भी निर्धारित की गई है। वर्ष 2025 में राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन को 17,71,622 शिकायतें मिली हैं, जिनमें 5,11,196 यानी लगभग 29 प्रतिशत ई-कॉमर्स क्षेत्र से जुड़ी थीं।
कैसे करें सुरक्षित खरीदारी?
किसी भी ऑफर पर क्लिक करने से पहले वेबसाइट का URL जांचें। आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही खरीदारी करें और सोशल मीडिया विज्ञापनों के लिंक से सीधे भुगतान करने से बचें। अनजान लिंक या व्हाट्सऐप पर मिली APK फाइल से ऐप डाउनलोड न करें। विक्रेता की जानकारी, रिटर्न पॉलिसी, ग्राहक सहायता और खरीदारी के सत्यापित रिव्यू देखें। बैंक और क्रेडिट कार्ड के लेनदेन पर भी नजर रखें। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए नकली वेबसाइट और डीपफेक तैयार करना आसान होने से सतर्कता और भी जरूरी हो गई है। याद रखें ऑनलाइन शॉपिंग में ‘BUY NOW’ दबाने से पहले ‘CHECK NOW’ करना जरूरी है।(साइबर अलर्ट कार्यक्रम प्रत्येक शनिवार रात 10 बजे डीडी न्यूज़ पर प्रसारित होता है।)


