भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ, हालांकि दिनभर की मजबूत तेजी आखिरी घंटों में आई बिकवाली के कारण काफी हद तक कम हो गई। आईटी, मेटल, ऑयल और गैस सेक्टर में कमजोरी ने बाजार की रफ्तार पर असर डाला।
सेंसेक्स 109.25 अंकों यानी 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,100.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 34.35 अंक यानी 0.14 प्रतिशत चढ़कर 24,056 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान दोनों प्रमुख सूचकांक अच्छी बढ़त में थे, लेकिन मुनाफावसूली के चलते दिन के अंत तक बढ़त सीमित रह गई।
बाजार पर दबाव बनाने वाले प्रमुख शेयरों में ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी), पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज शामिल रहे, जिनमें तेज गिरावट देखने को मिली।
वहीं व्यापक बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.55 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.47 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे ज्यादा नुकसान में रहा। इसके अलावा निफ्टी आईटी और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में भी गिरावट रही, क्योंकि निवेशकों ने इन सेक्टरों में मुनाफावसूली की।
दूसरी तरफ डिफेंसिव और कंजंप्शन सेक्टर ने बाजार को सहारा दिया। निफ्टी ऑटो और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया और बाजार को हरे निशान में बनाए रखने में मदद की।
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा पहली तिमाही (Q1) के कॉरपोरेट नतीजों और मानसून की स्थिति पर काफी हद तक निर्भर करेगी, जिस पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
(इनपुट-आईएएनएस)


