पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते गुरुवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ। दिन के कारोबार में निफ्टी50 और सेंसेक्स में गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि आईटी और एफएमसीजी शेयरों पर दबाव बना रहा।
इस दौरान, निफ्टी50 4.30 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 23,654.70 पर बंद हुआ, तो वहीं सेंसेक्स 135.03 अंक या 0.18 प्रतिशत गिरकर 75,183.36 पर बंद हुआ।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 75,732.42 पर खुलकर 75,945.79 का इंट्रा-डे हाई और 74,996.78 का लो बनाया, जबकि एनएसई निफ्टी 23,830.05 पर खुलकर 23,859.90 का दिन का हाई और 23,596.60 का लो बनाया।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.63 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप इेंडेक्स में 0.04 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखने को मिली।
वहीं सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी एफएमजीसी, निफ्टी आईटी और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी सीमेंट ने बेहतर प्रदर्शन किया।
निफ्टी50 इंडेक्स में ग्रासिम, इंडिगो, अपोलो हॉस्पिटल, बजाज-ऑटो, ट्रेंट, बीईएल, एचडीएफसी लाइफ, मैक्सहेल्थ, हिंडाल्को और विप्रो के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। वहीं इसके विपरीत, बजाज फाइनेंस, एचयूएल, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, बजाज फिनसर्व, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और भारती एयरटेल सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहे।
इस दौरान, बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के 461 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 462 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे निवेशकों को इस सत्र में करीब 1 लाख करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ।
सेक्टोरल स्तर पर आईटी और एफएमसीजी शेयर बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव डालने वाले सेक्टर रहे। हालांकि वैश्विक टेक शेयरों से सकारात्मक संकेत मिले थे, लेकिन हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने आईटी शेयरों में मुनाफावसूली करना बेहतर समझा।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त टिप्पणियों के बाद ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की आशंका बढ़ गई है।
मोमेंटम इंडिकेटर आरएसआई (14) फिलहाल 44 के आसपास बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि बाजार में अभी मजबूत तेजी का संकेत नहीं है और फिलहाल बाजार सीमित दायरे में कमजोर रुख के साथ कारोबार कर सकता है।
(इनपुट-आईएएनएस)


