February 5, 2026 12:01 PM
पंडित भीमसेन जोशी के लिए संगीत साधन नहीं, साध्य था; गायन आजीविका नहीं, ईश्वर की आराधना था
भारतीय शास्त्रीय संगीत के आकाश में यदि किसी स्वर को अनंत तक गूंजते हुए सुना जा सकता है, तो वह स्वर पंडित भीमसेन जोशी का है। उनकी आवाज़ केवल सुरों का संयोजन नहीं थी, वह तपस्या की ज्वाला थी, साधना ...


