07/03/25 | 2:58 pm | Nitin Gadkari | road accidents

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सड़क दुर्घटनाओं में 2030 तक 50 प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य : नितिन गडकरी

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 50% तक की कमी लाना है। उन्होंने यह बात ‘ग्लोबल रोड इंफ्राटेक समिट एंड एक्सपो (GRIS)’ में संबोधित करने के दौरान कही। उन्होंने बताया कि भारत में हर साल करीब 4,80,000 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें लगभग 1,80,000 लोगों की मौत हो जाती है और 4,00,000 लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं। इनमें से 18-45 वर्ष के युवा सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, खासकर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को ज्यादा खतरा होता है।

गडकरी ने कहा कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण गलत सड़क डिजाइन, खराब निर्माण कार्य और सही ट्रैफिक संकेतों की कमी है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्पेन, ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड जैसे देशों की तकनीकों और उपायों से सीख लेकर भारत में सड़क सुरक्षा में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सड़क निर्माण से जुड़े इंजीनियरों की गलतियों और कमजोर परियोजना रिपोर्टों (DPR) के कारण कई हादसे होते हैं, इसलिए भविष्य में इन्हें सख्ती से लागू किया जाएगा।

सरकार ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई उपायों की योजना बनाई है। बेहतर सड़क निर्माण के लिए नई तकनीकों और रिसाइकल की गई निर्माण सामग्री का उपयोग किया जाएगा। सख्त इंजीनियरिंग मानक लागू किए जाएंगे, जिससे खराब सड़क डिजाइन और घटिया निर्माण कार्यों को रोका जा सके। इसके अलावा, सुरक्षित ड्राइविंग की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे ताकि लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करें और दुर्घटनाओं से बच सकें।

गडकरी ने यह भी बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के कारण भारत को GDP का 3% तक नुकसान होता है, इसलिए सुरक्षित और टिकाऊ सड़कें बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी हितधारकों से अपील की कि वे सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मिलकर समाधान खोजें और देश को सुरक्षित बनाने में सहयोग करें।