केंद्र सरकार ने टीबी से संबंधित सतत् विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रयासों में तेजी लाने के लिए, 33 राज्यों एवं संघ शासित प्रदेशों के 347 प्राथमिकता वाले जिलों में 100 दिनों का गहन टीबी मुक्त भारत अभियान शुरू किया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने नैदानिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों को संसाधन आवंटित किए, साथ ही टीबी को खत्म करने के राष्ट्रीय प्रयासों के तहत, नई दवा प्रतिरोधी टीबी उपचार पद्धतियां शुरू की गईं। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया की विकेंद्रीकृत देखभाल के लिए सभी जिलों में 826 दवा प्रतिरोधी टीबी उपचार केंद्र स्थापित किए गए हैं।
देश के सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में टीबी जागरूकता अभियान
दरअसल, देश के सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में विभिन्न स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों की भागीदारी से ने टीबी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तत्वावधान में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी), पूरे देश में टीबी के मामलों का जल्द पता लगाने, उचित प्रबंधन करने और नए टीबी मामलों को रोकने के मकसद से लागू किया गया है।
टीबी रोगियों के लिए सफल उपचार के लिए सरकार द्वारा उठाए गए खास उपाय
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, बहुऔषधि प्रतिरोधी टीबी मामलों सहित सभी टीबी रोगियों के लिए सफल उपचार पूरा सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए खास उपाय इस प्रकार हैं-
- उपचार की पूरी अवधि के लिए निक्षय पोर्टल के ज़रिए सभी टीबी रोगियों को ट्रैक करें।
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर और आशा जैसे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के ज़रिए उपचार इलाज की निगरानी करें।
- टीबी रोगियों को आशा सामुदायिक स्वयंसेवकों जैसे समुदाय-आधारित उपचार समर्थकों से जोड़ना और उपचार में मदद करने वालों का प्रोत्साहन करना।
- हर निदान किए गए टीबी रोगी की, निदान के समय दवा प्रतिरोध के लिए जाँच सुनिश्चित करने के लिए सार्वभौमिक दवा संवेदनशीलता परीक्षण (यूडीएसटी) लागू किया गया है।
- विकेंद्रीकृत देखभाल के लिए सभी जिलों में 826 दवा प्रतिरोधी टीबी उपचार केंद्र स्थापित किए गए हैं।
- वर्ष 2021 में, कम समय वाले, सुरक्षित, सभी मौखिक दवा प्रतिरोधी टीबी उपचार व्यवस्था शुरू की गई है।
- वर्ष 2024 में, दवा प्रतिरोधी टीबी के प्रबंधन के लिए चार दवाओं के संयोजन – बेडाक्विलाइन, प्रीटोमैनिड, लाइनज़ोलिड और मोक्सीफ्लोक्सासिन से युक्त एक नया, छोटा और अधिक प्रभावी उपचार शुरू किया गया है।
इसके अतिरिक्त अधिक मामलों वाले क्षेत्रों में हाथ से पकड़े जाने वाले एक्स-रे की उपलब्धता बढ़ाने के लिए, सरकार ने केंद्रीय आपूर्ति के लिए खरीद को मंजूरी दी है। साथ ही जरूरत के हिसाब से राज्य एवं संघ शासित प्रदेशों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से खरीद के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।
नागरिकों के बीच प्रारंभिक स्वास्थ्य देखभाल व्यवहार को प्रोत्साहन
वहीं, देश में टीबी के बारे में जागरूकता बढ़ाने, टीबी को लेकर पुरानी सोच से निपटने और नागरिकों के बीच प्रारंभिक स्वास्थ्य देखभाल व्यवहार को प्रोत्साहित करने के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों, संबंधित मंत्रालयों, स्कूलों, पंचायती राज संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनवाड़ी, स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों और नागरिक समाज संगठनों की भागीदारी के साथ जन भागीदारी गतिविधियों को लागू किया जा रहा है।