गुजरात सरकार ने राज्यभर में टिटनेस, डिप्थीरिया और अन्य गंभीर बीमारियों से बच्चों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से व्यापक टीडी (टिटनेस और एडल्ट डिप्थीरिया) तथा डीपीटी टीकाकरण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत लगभग 19 लाख स्कूली बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
‘टीडी और डीपीटी ट्रिपल वैक्सीनेशन अभियान-2026’ का शुभारंभ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने गांधीनगर स्थित पीएम श्री बोरिज सरकारी प्राथमिक विद्यालय में किया। इस दौरान कक्षा 5 और कक्षा 10 के विद्यार्थियों तथा पांच वर्ष की आयु पूरी कर चुके बच्चों को टीके लगाए गए।
अभियान के तहत राज्यभर के 48,295 स्कूलों में 48,529 टीडी टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से लगभग 18.75 लाख बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत 992 टीमें इस अभियान में सहयोग करेंगी।
राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार पांच वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों को डीपीटी बूस्टर की दूसरी खुराक दी जाती है। इसके लिए राज्यभर की 38,794 बाल वाटिकाओं में 35,819 टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनसे करीब 5.89 लाख बच्चों को लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को साकार करने के लिए स्वस्थ समाज का निर्माण आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे और मातृ स्वास्थ्य को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर और स्कूलों तक पहुंचकर बच्चों को टीकाकरण का लाभ दिला रही हैं।
टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि पहले टीकों की उपलब्धता सीमित होने के कारण पोलियो जैसी बीमारियां बच्चों को जीवनभर के लिए विकलांग बना देती थीं। लेकिन चिकित्सा विज्ञान की प्रगति और व्यापक टीकाकरण अभियान के कारण भारत ने पोलियो जैसी बीमारी पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाया है।
उन्होंने बताया कि गुजरात हाल ही में 14 से 15 वर्ष की आयु की किशोरियों के लिए सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण कार्यक्रम में देश का अग्रणी राज्य बना है। राज्य में अब तक 5.50 लाख से अधिक लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव का टीका लगाया जा चुका है।
पानसेरिया ने बच्चों से जंक फूड से दूर रहने, पौष्टिक भोजन अपनाने और भोजन से पहले साबुन से हाथ धोने जैसी स्वच्छता संबंधी आदतों को अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग तब तक अपने प्रयास जारी रखेगा, जब तक राज्य का प्रत्येक पात्र बच्चा टीकाकरण से आच्छादित नहीं हो जाता। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षण संस्थानों, शिक्षकों, मीडिया और सामाजिक संगठनों का सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य आयुक्त रतन कंवर गढ़वी चरण, गांधीनगर की महापौर मीरा पटेल, विधायक रीता पटेल, नगर आयुक्त जे.एस. प्रजापति सहित स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
-(इनपुटःएजेंसी)


