पारदर्शी शासन के लिए तकनीक आधारित सतर्कता जरूरी, डॉ. जितेंद्र सिंह ने गिनाईं उपलब्धियां

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सतर्कता तंत्र को मजबूत करने में केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के निरंतर सुधारों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि सतत संस्थागत सुधार, प्रौद्योगिकी आधारित शासन और निरंतर निगरानी के परिणामस्वरूप तीन से चार वर्षों में अनुशासनात्मक मामलों की लंबित संख्या 4,000 से घटकर लगभग 700 रह गई है।

प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने डॉ. जितेंद्र सिंह से की मुलाकात

निवर्तमान केंद्रीय सतर्कता आयुक्त प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने अपना कार्यकाल पूरा होने पर डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सीवीसी की ओर से हाल के वर्षों में प्रौद्योगिकी, प्रक्रिया सुधार और क्षमता निर्माण के जरिए सतर्कता प्रशासन के आधुनिकीकरण के लिए उठाए गए प्रमुख कदमों की जानकारी दी।

पारदर्शी और समयबद्ध निगरानी तंत्र जरूरी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुशासन के लिए पारदर्शी और समयबद्ध निगरानी तंत्र आवश्यक हैं और इससे संस्थानों में जनता का विश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि लंबित अनुशासनात्मक मामलों में उल्लेखनीय कमी निरंतर प्रशासनिक सुधारों और मंत्रालयों, विभागों तथा सतर्कता प्राधिकरणों के बीच बेहतर समन्वय के प्रभाव को दर्शाती है।

600 से अधिक परिपत्रों और निर्देशों की समीक्षा

श्रीवास्तव ने सतर्कता प्रशासन को सरल और आधुनिक बनाने के लिए आयोग की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इसके तहत सतर्कता से संबंधित 600 से अधिक परिपत्रों और निर्देशों की समीक्षा की गई। इसके बाद नौ मास्टर परिपत्र, दो सार्वजनिक सूचनाएं और एक अद्यतन सतर्कता नियमावली जारी की गई है। इनका उद्देश्य सतर्कता अधिकारियों और संगठनों के लिए एक समेकित और उपयोगकर्ता-अनुकूल ढांचा तैयार करना है।

सतर्कता मंजूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने पर जोर

केंद्रीय मंत्री को सतर्कता स्थिति पोर्टल (वीएसपी) के शुभारंभ के बारे में भी जानकारी दी गई। इससे सतर्कता मंजूरी प्रस्तावों की पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है और मंजूरी प्रदान करने में लगने वाले समय को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं, संशोधित सतर्कता मामला प्रबंधन प्रणाली (वीसीएमएस) के जरिए सतर्कता मामलों की संपूर्ण डिजिटल प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे वास्तविक समय पर निगरानी और डेटा आधारित निर्णय लेने की सुविधा मिलती है।

सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता बढ़ाने की पहल

बैठक में व्यय विभाग के सहयोग से तैयार अद्यतन खरीद नियमावली के जरिए सार्वजनिक खरीद व्यवस्था को मजबूत करने की आयोग की पहल पर भी चर्चा हुई। इसमें विभिन्न खरीद दिशानिर्देशों को एकीकृत ढांचे के तहत लाया गया है, जिससे सरकारी संगठनों में अधिक एकरूपता, पारदर्शिता और नियमों के कार्यान्वयन में आसानी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।

डिजिटल शासन और एआई आधारित सतर्कता पर जोर

चर्चा के दौरान डिजिटल शासन, बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों में धोखाधड़ी की रोकथाम, साइबर सुरक्षा तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नैतिक उपयोग से जुड़ी पहलों के जरिए प्रौद्योगिकी आधारित सतर्कता को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियां सतर्कता प्रशासन को अधिक निवारक, पूर्वानुमानित और कुशल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इनका इस्तेमाल सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए भी किया जा सकता है।

ऑनलाइन शिकायत प्रणाली से प्रक्रिया हुई आसान

श्रीवास्तव ने आयोग की ऑनलाइन शिकायत प्रबंधन प्रणाली के बारे में भी जानकारी साझा की। इस प्रणाली से शिकायतों की प्राप्ति, प्रसंस्करण और ट्रैकिंग को सुव्यवस्थित किया गया है। संस्थागत क्षमता मजबूत करने के लिए विशेष पाठ्यक्रमों, डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल और मिशन कर्मयोगी के साथ सहयोग के जरिए सतर्कता अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी विस्तार किया गया है।

जागरूकता अभियानों से जनभागीदारी बढ़ाने का प्रयास

आयोग ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम सभाओं और सार्वजनिक संगठनों में सत्यनिष्ठा तथा नैतिक शासन को बढ़ावा देकर जनभागीदारी को मजबूत किया है। राष्ट्रव्यापी जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में नागरिकों की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

भविष्यसूचक सतर्कता और एआई के इस्तेमाल पर जोर

चर्चा में आयोग के भविष्य के रोडमैप पर भी विचार किया गया। इसमें अनुशासनात्मक मामलों की निगरानी के लिए प्रोबिटी पोर्टल को व्यापक रूप से अपनाना, सतर्कता प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए समय और गति अध्ययन करना तथा भविष्यसूचक सतर्कता को मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल बढ़ाना शामिल है।

पारदर्शी और जवाबदेह शासन के लिए सरकार प्रतिबद्ध

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही, प्रौद्योगिकी और सरल प्रक्रियाओं पर आधारित शासन प्रणाली तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देश के सतर्कता ढांचे को मजबूत करने में प्रवीण कुमार श्रीवास्तव के योगदान की सराहना की और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। (इनपुट: पीआईबी)