केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि प्रौद्योगिकी आधारित पेंशन सेवा वितरण से दक्षता बढ़ी है और महत्वपूर्ण मानव संसाधन तथा वित्तीय संसाधनों की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार बुजुर्ग नागरिकों का जीवन सुगम बनाने के लिए पेंशन नियमों को सरल करने, पारिवारिक पेंशन लाभों को मजबूत करने और तकनीक के माध्यम से सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित 9वें राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार समारोह, 2026 और 60वीं सेवानिवृत्ति पूर्व परामर्श कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।
पांच विजेताओं को राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार
कार्यक्रम में डॉ. जितेंद्र सिंह ने पांच विजेताओं को राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार और जूरी पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने पेंशन मित्र पुस्तिका, अनुभव पुरस्कार विजेताओं की प्रशस्ति पुस्तिका और राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान-5 के दिशा-निर्देश भी जारी किए। समारोह में राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार विजेताओं, 2026 पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
सेवानिवृत्त कर्मचारी राष्ट्रीय संपदा
डॉ. जितेंद्र सिंह ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राष्ट्रीय संपदा बताते हुए कहा कि उनके वर्षों के अनुभव का इस्तेमाल प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अनुभव पुरस्कार का उद्देश्य केवल सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित करना नहीं है, बल्कि उनके व्यावहारिक अनुभवों को नीतियों, प्रक्रियाओं और प्रशासनिक सुधारों के लिए उपयोगी प्रतिक्रिया में बदलना भी है।
‘अनुभव’ से मिलती है जमीनी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से 2015 में शुरू की गई ‘अनुभव’ पहल का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की सार्वजनिक सेवा के दौरान अर्जित विशेषज्ञता और अनुभव को संरक्षित करना है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रत्येक अनुभव सरकार को नीतियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार के लिए व्यावहारिक सुझाव दे सकता है। उन्होंने एक शुरुआती प्रतिभागी के अनुभव का उल्लेख करते हुए बताया कि पर्यटन क्षेत्र में कार्यरत एक कर्मचारी ने विशेष प्रशिक्षण के जरिए अपनी पेशेवर क्षमता बढ़ाई, लेकिन प्रशिक्षण पर प्रशासनिक समय और संसाधन खर्च होने के बाद उनका तबादला दूसरे विभाग में कर दिया गया। बाद में वह पर्यटन क्षेत्र में लौट आईं। इस अनुभव ने यह सवाल उठाया कि प्रशासनिक निर्णयों के कारण संस्थागत निवेश, विशेषज्ञता और सार्वजनिक संसाधनों का नुकसान किस तरह हो सकता है।
पेंशन नियमों को लगातार सरल बनाने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार प्रशासनिक और सामाजिक आवश्यकताओं में बदलाव के अनुरूप पेंशन प्रक्रियाओं को लगातार सरल कर रही है। पेंशन प्रपत्रों से अनावश्यक प्रावधान हटाए गए हैं और जटिल प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया है। उन्होंने कहा कि बदलती सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पारिवारिक पेंशन प्रावधानों को भी मजबूत किया गया है, जिसमें पात्र बेटियों और परिवार के अन्य सदस्यों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र से बदली व्यवस्था
जितेंद्र सिंह ने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और चेहरा प्रमाणीकरण जैसी पहलों से पेंशनभोगियों को मिली सुविधा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तकनीक ने व्यक्तिगत रूप से सत्यापन की पुरानी प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक डिजिटल प्रक्रिया में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अब व्यापक जन अभियान का रूप ले चुका है। इसमें बैंक, सरकारी विभाग, पेंशनभोगी संगठन और परिवार के सदस्य बुजुर्ग नागरिकों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में सहायता कर रहे हैं।
पेंशन अदालतों से शिकायतों का समाधान
डॉ. जितेंद्र सिंह ने मौके पर शिकायतों का समाधान उपलब्ध कराने वाली पेंशन अदालतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विभाग पेंशन संबंधी शिकायतों के प्रभावी निवारण के साथ समस्याओं के मूल कारणों को दूर करने पर काम कर रहा है, ताकि विवाद और मुकदमेबाजी को कम किया जा सके।
भविष्य पोर्टल से सेवाएं हुईं आसान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भविष्य पोर्टल और अन्य प्रौद्योगिकी आधारित पहलों ने पेंशन प्रक्रिया और सेवा वितरण को सरल बनाया है। पेंशन संबंधी सेवाओं और सूचनाओं को एकीकृत करने के प्रयासों से पेंशनभोगियों के लिए आवश्यक सहायता और जानकारी हासिल करना आसान हुआ है।
सेवानिवृत्ति को नए अवसर से जोड़ने की पहल
जितेंद्र सिंह ने कहा कि 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी अक्सर स्वस्थ होते हैं और उनके पास दशकों की सार्वजनिक सेवा से अर्जित महत्वपूर्ण व्यावसायिक विशेषज्ञता होती है। इस अनुभव को सेवानिवृत्ति के बाद व्यर्थ जाने देने के बजाय सरकार ऐसे अवसर विकसित कर रही है, जिनके जरिए उनका ज्ञान, कौशल और ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में योगदान देती रहे।
मार्च 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले 800 अधिकारी शामिल
60वीं सेवानिवृत्ति पूर्व परामर्श कार्यशाला में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मार्च 2027 में सेवानिवृत्त होने वाले करीब 800 सरकारी अधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला में सेवानिवृत्ति लाभ, सीजीएचएस सुविधाएं और प्रक्रियाएं, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, चेहरा प्रमाणीकरण, साइबर सुरक्षा, पेंशनभोगियों के लिए निवेश विकल्प, भविष्य और एकीकृत पेंशनभोगी पोर्टल, पारिवारिक पेंशन, आयकर संबंधी मुद्दे, सीपीएनजीआरएएमएस और अनुभव जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।
‘अनुभव’ पोर्टल पर 14 हजार से अधिक अनुभव
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने कहा कि ‘अनुभव’ सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के संस्थागत अनुभवों को संकलित और साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बन गया है। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर अब तक 14 हजार से अधिक अनुभव साझा किए जा चुके हैं। वर्ष 2026 के पुरस्कारों के लिए 2 हजार से अधिक नामांकन प्राप्त हुए हैं, जो अब तक की सबसे अधिक संख्या है। उन्होंने पेंशन मित्रों की नियुक्ति, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान, पेंशन अदालतों और एकीकृत पेंशनभोगी इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में विभाग के प्रयासों की भी जानकारी दी। इसका उद्देश्य पेंशन से संबंधित विभिन्न सेवाओं और सूचनाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है।
पेंशन सुधारों का लक्ष्य गरिमा और सुविधा
डॉ. जितेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार विजेताओं और जूरी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि दशकों तक सार्वजनिक सेवा में योगदान देने वाले सरकारी कर्मचारी देश की अमूल्य संपदा हैं। उन्होंने कहा कि पेंशन सुधार केवल सेवानिवृत्ति लाभों की प्रक्रिया तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले लोगों की गरिमा, सुविधा और उनके अनुभव एवं विशेषज्ञता के साथ निरंतर जुड़ाव सुनिश्चित करना भी है। (इनपुट: पीआईबी)


