सीआरपीएफ की 84वीं बटालियन अमरनाथ यात्रियों को दे रही है स्वास्थ्य सेवाएं

श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 पूरी तरह से जोर-शोर पर चल रही है। इस दौरान सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फोर्स (CRPF) की 84वीं बटालियन ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सराहनीय कार्य किया है। सीआरपीएफ के जवान नेशनल हाईवे-44 पर लगातार रोड ओपनिंग पार्टी (ROP) ऑपरेशन चला रहे हैं और पुख्ता सुरक्षा घेरा बनाए हुए हैं। 

अपनी मुख्य सुरक्षा ड्यूटी के अलावा, 84वीं बटालियन ने रामबन जिले के चंदरकोट में मोबाइल हेल्थ कैंप स्थापित किया है, जहां 24 घंटे तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बटालियन के कमांडेंट एन. रणबीर सिंह की देखरेख में सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनंत कृष्णन के नेतृत्व वाली मेडिकल टीम काम कर रही है। टीम के पास एडवांस्ड लाइफ सेविंग एंबुलेंस, पैरामेडिकल स्टाफ और जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं। 

डॉक्टर ने बताया सेवाओं के बारे मेंडॉ. अनंत कृष्णन ने कहा, “हमारी मुख्य भूमिका सुरक्षा की है, लेकिन 2 जुलाई से हम चंदरकोट लंगर पॉइंट पर तैनात हैं। यहां हम इमरजेंसी ऑक्सीजन सपोर्ट देते हैं और रोजाना 20 से 30 तीर्थयात्रियों का बुखार, डिहाइड्रेशन और हाई-एल्टीट्यूड सिकनेस का इलाज कर रहे हैं। जिला प्रशासन, J&K पुलिस और सीआरपीएफ के बेहतर तालमेल से श्रद्धालु बहुत संतुष्ट हैं।”

यात्रियों की प्रतिक्रिया

देश के विभिन्न हिस्सों से आए तीर्थयात्रियों ने सीआरपीएफ की व्यवस्थाओं की सराहना की है:

– जितेंद्र बोहरा (दिल्ली): “सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं दोनों बहुत अच्छी हैं। सीआरपीएफ का पूरा सहयोग मिल रहा है।”
– अनिल (उत्तर प्रदेश): “यह मेरी चौथी अमरनाथ यात्रा है। हर बार सीआरपीएफ, बीएसएफ और सेना से बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं।”
– संजय कुशवाहा (मध्य प्रदेश): “सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान न दें। यहां सुविधाएं बहुत अच्छी हैं। सबको धैर्य से यात्रा करनी चाहिए।”

यात्रा की जानकारी

अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी और यह 57 दिनों तक चलेगी। यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी। भीड़ प्रबंधन के लिए डिजिटल निगरानी और RFID ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। सीआरपीएफ की यह पहल सुरक्षा के साथ-साथ तीर्थयात्रियों की भलाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। (इनपुट-एजेंसी)