वित्त वर्ष 2024-25 में पब्लिक सेक्टर बैंकों का कारोबार बढ़कर 251 लाख करोड़ पहुंचा

देश के पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) ने वित्त वर्ष 2024-25 में शानदार प्रदर्शन किया है। इन बैंकों का कुल कारोबार वित्त वर्ष 2022-23 के 203 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 251 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके साथ ही बैंकों का शुद्ध (नेट) नॉन परफॉर्मिंग एसेट (NPA) भी घटकर 1.24% से 0.52% हो गया है, जो बैंकिंग सेक्टर के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह जानकारी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ हुई वार्षिक समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में बैंकों की वित्तीय स्थिति, ग्राहक सेवा, ऋण वितरण, डिजिटल बैंकिंग, वित्तीय समावेशन और साइबर सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि PSBs का शुद्ध लाभ 2022-23 में 1.04 लाख करोड़ रुपये था, जो अब 2024-25 में बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये हो गया है। वहीं, सरकार को डिविडेंड के रूप में इन बैंकों से 34,990 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जो पिछले आंकड़े 20,964 करोड़ रुपये से कहीं अधिक है। इसके साथ ही, बैंकों के पास पर्याप्त पूंजी भंडार है और मार्च 2025 तक उनका पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR) 16.15% दर्ज किया गया है, जो किसी भी आर्थिक झटके को सहने के लिए काफी है।

वित्त मंत्री ने बैठक में बैंकों को देश में जमा रुझानों को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास करने की सलाह दी, ताकि क्रेडिट ग्रोथ को संतुलित समर्थन मिल सके। इसके अलावा, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम विद्यालक्ष्मी योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी जन-कल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने पर बल दिया गया।

बैंकों को सलाह दी गई कि वे अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अपने शाखा नेटवर्क का बेहतर इस्तेमाल करें और विशेष अभियान चलाकर इन इलाकों तक सेवाएं पहुंचाएं। साथ ही, ‘प्रधानमंत्री धन धान्य योजना’ के तहत 100 कम उत्पादकता वाले जिलों में कृषि ऋण को प्राथमिकता देने का निर्देश भी दिया गया। वित्त मंत्री ने PSBs से कहा कि वे आने वाले दशक के लिए उभरते वाणिज्यिक अवसरों की पहचान करें और देश की आर्थिक वृद्धि को सहयोग दें। साथ ही, गिफ्ट सिटी में अपनी उपस्थिति बढ़ाकर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं में भारत की हिस्सेदारी मजबूत करें और इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) में सक्रिय भागीदारी निभाएं।- (IANS)

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