केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र के ग्रामीण निकायों को जारी किए 717.17 करोड़ रुपये, पहली किस्त मंजूर

केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 15वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत महाराष्ट्र के ग्रामीण स्थानीय निकायों (RLBs) को 717.17 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की है। यह राशि अप्रतिबंधित अनुदान के रूप में प्रदान की गई है, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों की स्थान-विशिष्ट विकास आवश्यकताओं पर खर्च किया जा सकेगा।

जारी राशि उन ग्रामीण निकायों को दी गई है जिनका गठन विधिवत रूप से हुआ है और जो पात्र श्रेणी में आते हैं। इसमें 2 जिला पंचायतें, 15 ब्लॉक पंचायतें, और 26,544 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

अनुदान जारी करने की प्रक्रिया

ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अनुदान की अनुशंसा पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) द्वारा की जाती है, जबकि धनराशि का वास्तविक आवंटन वित्त मंत्रालय द्वारा किया जाता है।
अनुदान एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में जारी किया जाता है।

अप्रतिबंधित अनुदानों का उपयोग

अप्रतिबंधित अनुदान का उपयोग पंचायतें ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों के अंतर्गत कर सकती हैं। इनका उपयोग वेतन या स्थापना लागतों पर नहीं किया जा सकता। यह धन विशेष रूप से क्षेत्र की स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए होता है।

प्रतिबंधित अनुदानों का उपयोग

प्रतिबंधित अनुदान निम्न उद्देश्यों के लिए प्रयुक्त किए जाते हैं-

  • ओपन डिफेकेशन फ्री (ODF) स्थिति का रखरखाव
  • घरेलू अपशिष्ट प्रबंधन
  • मल एवं मल कीचड़ प्रबंधन
  • पेयजल आपूर्ति
  • वर्षा जल संचयन
  • जल पुनर्चक्रण जैसी बुनियादी सेवाओं को सुदृढ़ करना।

महाराष्ट्र के ग्रामीण स्थानीय निकायों को जारी की गई यह राशि ग्रामीण अवसंरचना, स्वच्छता और जन-सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

(इनपुट- PIB)