केंद्र सरकार ने देश में रेशम उद्योग के विकास, रेशम किसानों और बुनकरों की उत्पादकता और रोजगार बढ़ाने के लिए 1,074.94 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की है, जिससे लगभग 78,000 लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं। यह जानकारी राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा द्वारा दी गई।
पबित्रा मार्गेरिटा ने बताया कि राज्यों को यह सहायता रेशम समग्र-2 योजना के माध्यम से दी गईं हैं। वर्तमान में चल रही इस योजना का मुख्य उद्देश्य रेशम क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना है। रेशम समग्र-2 योजना के अंतर्गत उठाए गए कदमों का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय मानक के बाइवोल्टाइन रेशम का उत्पादन बढ़ाना तथा रेशम निर्यात को बढ़ावा देना है।
इसके अलावा,राष्ट्रीय हथकरघा विकास योजना के माध्यम से रेशम हथकरघा श्रमिकों सहित हथकरघा बुनकरों को सहायता प्रदान की जाती है तथा हथकरघा विभाग द्वारा कार्यान्वित योजना के तहत कच्चे माल की आपूर्ति की जाती है।
सरकार का लक्ष्य उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता में सुधार, बुनियादी ढांचे के विकास, अनुसंधान और विकास तथा बाजारों के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करते हुए बहुआयामी रणनीति के माध्यम से भारत को रेशम उत्पादन और निर्यात में वैश्विक अग्रज के रूप में स्थापित करना है।