27/05/26 | 9:51 am

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केंद्र ने घुसपैठ और अन्य कारणों से हुए डेमोग्राफिक बदलाव का अध्ययन करने के लिए हाई-लेवल कमेटी का किया गठन

केंद्र ने घुसपैठ और दूसरे कारणों से होने वाले डेमोग्राफिक बदलाव की चुनौतियों से निपटने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है।  एक सोशल मीडिया पोस्ट में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज बताया कि इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर करेंगे।

जनगणना आयुक्त के साथ-साथ पूर्व IAS अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व IPS अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और अर्थशास्त्री डॉ. शमिका रवि को इस समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है। गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (विदेशी-I) इस समिति में सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे।

पीएम मोदी ने पिछले साल लाल किले से दिए गए अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में जनसांख्यिकीय बदलाव पर इस उच्च-स्तरीय समिति के बारे में घोषणा की थी। गृह मंत्री शाह ने कहा कि घुसपैठ और अन्य कारणों से अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय बदलाव हो रहे हैं, जो किसी भी राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती पेश करते हैं।

उन्होंने कहा कि जनसांख्यिकीय बदलाव एक गंभीर मुद्दा है, जो न केवल संप्रभुता से जुड़ा है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, सामाजिक संरचना में गहरे बदलावों और जनजातीय समाज के संरक्षण से भी जुड़ा है। गृह मंत्री ने कहा कि यह समिति अवैध प्रवासन और अन्य अस्वाभाविक कारणों से पूरे भारत में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलावों का व्यापक मूल्यांकन करेगी। यह धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर जनसंख्या में होने वाले असामान्य बदलावों के पैटर्न का भी विश्लेषण करेगी और इसके लिए एक सुनियोजित तथा समय-सीमा के भीतर समाधान प्रस्तुत करेगी।