देव दीपावली के पावन पर्व पर बुधवार की शाम को काशी के अर्धचंद्राकार गंगा घाटों पर शाश्वत ज्योति की लौ प्रज्वलित हुई। इस अवसर पर पूरा शहर दिव्यता और भव्यता के अद्भुत संगम में डूब गया। मां गंगा की गोद से निकलती आस्था की सीढ़ियों पर जलते लाखों दीपों की रोशनी ने ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया, मानो स्वर्ग स्वयं धरती पर उतर आया हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाबा विश्वनाथ की पवित्र नगरी वाराणसी में होने वाले उत्सव की भव्यता पर प्रकाश डाला। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर वाराणसी में गंगा तट पर जगमगाते घाटों की तस्वीरें भी साझा कीं।
पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी आज देव दीपावली के अनुपम प्रकाश से आलोकित है। मां गंगा के किनारे काशी के घाटों पर प्रज्वलित लाखों दीपों में सबके लिए सुख-समृद्धि की कामना है। यह दिव्यता और भव्यता हर किसी के मन-प्राण को मंत्रमुग्ध कर देने वाली है। आप सभी को देव दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। हर-हर महादेव!”
इससे पहले कल बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सभी के स्वास्थ्य, समृद्धि और शांति की कामना की। पीएम मोदी ने एक्स पर कहा कि देश के अपने सभी परिवारजनों को कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली की कोटि-कोटि शुभकामनाएं। भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से जुड़ा यह दिव्य अवसर हर किसी के लिए सुख, शांति, आरोग्य और सौभाग्य लेकर आए। पावन स्नान, दान-पुण्य, आरती और पूजन से जुड़ी हमारी यह पवित्र परंपरा सबके जीवन को प्रकाशित करे।
दिवाली के 15 दिन बाद कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली मनाई जाती है। यह त्योहार भगवान शिव की राक्षस त्रिपुरासुर पर विजय का प्रतीक है। कल बुधवार को गुरु नानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली एक ही दिन पड़ने से देश भक्ति और उत्सव से सराबोर रहा, देश भर के गुरुद्वारों में अमृतवाणी का पाठ हुआ। लोगों ने कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर नदियों और सरोवरों में पवित्र स्नान किया।
काशी में देव दीपावली का भव्य उत्सव मनाया गया। रात को देव दीपावली पर काशी में स्वर्ग सा नज़ारा देखने को मिला। वहीं, गोधूलि बेला में उत्तरवाहिनी गंगा की लहरों पर दीपों की सुनहरी आभा झिलमिलाई। ऐसे में काशी की आत्मा एक बार फिर सनातन संस्कृति की उजास से अलौकित हो उठी। देव दीपावली का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमो घाट पर पहला दीप जलाकर किया। उनके साथ पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, राज्य मंत्री रविंद्र जायसवाल, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी ने भी दीप प्रज्वलित कर मां गंगा को नमन किया।
सभी विशिष्ट अतिथियों ने क्रूज पर सवार होकर मां गंगा की आरती के साथ घाटों पर सजी देव दीपावली के अद्भुत नजारे का अवलोकन किया। सीएम योगी को अपने बीच देखकर जनता ने हर-हर महादेव का जयघोष किया।
वहीं, बुधवार तड़के हरिद्वार में हर की पौड़ी पर गंगा नदी में पवित्र स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। ओडिशा में कार्तिक पूर्णिमा से जुड़े पारंपरिक बोइता बंदना (नाव उत्सव) समारोह में भाग लेने के लिए श्रद्धालु पुरी के ऐतिहासिक नरेंद्र पोखरी में एकत्र हुए थे। ओडिशा में उत्साह के साथ मनाया जाने वाला पारंपरिक बोइत वंदना उत्सव गहरा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है।
आपको बता दें, इस दिन, भक्त नदियों, तालाबों और समुद्र तटों के पास इकट्ठा होते हैं और केले के तने, कागज और थर्मोकोल से बनी छोटी नावों को तैराते हैं, जो ओडिशा के जावा, सुमात्रा और बाली जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ प्राचीन समुद्री व्यापार संबंधों का प्रतीक है। यह उत्सव एक जीवंत दृश्य प्रस्तुत करता है, जिसमें भक्तगण प्रार्थना करते हैं और जल की सतह पर रोशनी से जगमगाती छोटी नौकाओं को तैराते हैं, जिससे एक मनमोहक दृश्य निर्मित होता है। (इनपुट-एजेंसी)


