“स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान बना देश का सबसे बड़ा स्वास्थ्य जनआंदोलन

स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2 अक्टूबर से पहले ही 10 लाख स्वास्थ्य शिविर किए आयोजित, 6 करोड़ से अधिक लोगों ने लिया लाभ

अब तक 11.31 लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविरों में 6.51 करोड़ से ज्यादा नागरिकों ने लिया लाभ

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन (17 सितम्बर 2025) से आरंभ हुआ “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक पहुँच सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक जनआंदोलन बन गया है।

29 सितम्बर 2025 तक, इस अभियान के अंतर्गत 11.31 लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 6.51 करोड़ से अधिक नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच और परामर्श सेवाओं का लाभ उठाया।

मुख्य उपलब्धियां

हाईपरटेंशन व डायबिटीज़ जांच : 1.44 करोड़ से अधिक नागरिकों की हाईपरटेंशन तथा 1.41 करोड़ की डायबिटीज़ जांच।

कैंसर जांच : 31 लाख से अधिक महिलाओं की स्तन कैंसर और 16 लाख से ज्यादा की सर्वाइकल कैंसर जांच। 58 लाख से अधिक लोगों की ओरल कैंसर जांच।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य : 54.43 लाख से अधिक प्रसव पूर्व जांचें, 1.28 करोड़ बच्चों का टीकाकरण।

एनीमिया एवं पोषण : 93 लाख से अधिक नागरिकों की एनीमिया जांच और लाखों परिवारों तक पोषण परामर्श।

टीबी एवं सिकल सेल : 71 लाख से अधिक नागरिकों की टीबी और 7.9 लाख की सिकल सेल जांच।

रक्तदान एवं पीएम-जय कार्ड : 3.44 लाख से अधिक रक्तदाताओं का पंजीकरण और 13 लाख से ज्यादा नए आयुष्मान/पीएम-जय कार्ड जारी।

राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक सहयोग

इस अभियान को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के नेटवर्क के साथ-साथ AIIMS, राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (INIs), आयुष्मान आरोग्य मंदिर, मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और निजी संस्थानों ने भी मजबूत किया है।

केंद्रीय संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों और निजी संगठनों ने अब तक 20,269 से अधिक विशेष शिविर आयोजित किए हैं, जिनसे 29 लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित हुए।

महिला और बाल स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

स्वास्थ्य मंत्रालय (MoHFW) और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MoWCD) के संयुक्त नेतृत्व में यह अभियान महिला एवं बाल स्वास्थ्य पर केंद्रित अब तक का सबसे बड़ा स्वास्थ्य आउटरीच कार्यक्रम है।

17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक देशभर में 10 लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन का लक्ष्य रखा गया है, जिससे रोकथाम, जागरूकता और उपचार सेवाएं समुदाय स्तर पर सुलभ हों।

-(लेखक नितेंद्र सिंह वरिष्ठ जर्नलिस्ट हैं, वर्तमान में ये डीडी न्यूज के साथ जुड़े हुए हैं)