गत वर्ष कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर की रेप और हत्या की घटना के करीब 10 माह बाद कोलकाता के एक लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ गैंग रेप का मामला सामने आया है। इस घटना के साथ ही एक बार फिर राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। छात्रा ने आरोप लगाया है कि दक्षिण कोलकाता स्थित लॉ कॉलेज के गार्ड रूम में बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों मनोजीत मिश्रा, जैब अहमद और प्रमित मुखर्जी को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों में से 2 कॉलेज के वर्तमान छात्र हैं और एक कॉलेज का पूर्व छात्र है।
मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा तृणमूल छात्र परिषद का सक्रिय सदस्य है और साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में उसका काफी प्रभाव है। आरोप है कि टीएमसी से जुड़े होने के चलते मनोजीत को इस कॉलेज में अस्थायी नौकरी भी मिल गयी। एफआईआर में पीड़िता ने आरोपियों को ‘M’, ‘J’ और ‘P’ कहकर संबोधित किया है। पीड़िता ने शिकायत में बताया है कि उसे और अन्य लोगों को टीएमसी छात्र परिषद के पदों को लेकर चर्चा करने के लिए काॅलेज बुलाया गया था। बाद में आरोपी मनोजीत ने पीड़िता के सामने प्रेम प्रस्ताव रखा और पीड़िता से शादी करने की बात कही जिसे पीड़िता ने मनोजीत का प्रेम प्रस्ताव यह कहकर इनकार कर दिया कि उसका एक ब्वॉयफ्रेंड है और वो उससे बहुत प्यार करती है।
आरोप है कि इसके बाद आरोपी उसे घंसीट कर गार्ड रूम में ले गया और वहां उसके साथ उसके दो मित्र ‘जे’ और ‘पी’ भी थे और वहां पर लड़की के साथ गैंग रेप किया। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे हॉकी स्टिक से मारा भी गया और उसे धमकी दी गयी कि अगर उसने किसी के सामने मुंह खोला तो उसके ब्वॉयफ्रेंड की हत्या कर दी जाएगी और मां बाप को गिरफ्तार करवा दिया जायेगा। इस घटना में कॉलेज के सुरक्षा कर्मी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पीड़िता के साथ न सिर्फ गैंगरेप किया गया बल्कि मुख्य आरोपी ने रेप का वीडियो भी बनाया जिसे दिखा कर पीड़िता को ब्लैकमेल भी कर रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार घटनास्थल के आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज से पीड़िता के बयान पर मुहर लगती है। घटना के बाद से राज्य में राजनैतिक माहौल गर्म है, टीएमसी के नेताओं ने ये तो स्वीकार किया है कि मुख्य आरोपी टीएमसी के छात्र परिषद से जुड़ा रहा है, साथ ही ये कहा है कि दोषी जो भी हो उसे सजा मिलनी चाहिए। वहीं भाजपा नेताओं ने मोर्चा संभालते हुए राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा के राज्य अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने दक्षिण कोलकाता में विरोध प्रदर्शन किया तो पुलिस ने उन्हें 14 घंटे हिरासत में रखा, पुलिस मुख्यालय लाल बाज़ार के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया जिसके बाद पुलिस ने मजूमदार को मुक्त किया। गौरतलब है कि 10 माह पहले कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ रेप व हत्या की घटना सामने आयी थी जिसने देश को झकझोर कर रख दिया था। घटना के खिलाफ महीनों तक देश भर में विरोध प्रदर्शन चला था।
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने लगाये पुलिस पर सहयोग न करने का आरोप
राष्ट्रीय महिला आरोप की सदस्य अर्चना मजूमदार जब जांच करने कॉलेज पहुंचीं तो पुलिस ने उनके सामने शर्तें रखीं कि वे कॉलेज के अंदर जा सकती हैं लेकिन घटनास्थल की कोई तस्वीर नहीं ले सकती हैं, और घटनास्थल के इलाके सील किये गए हैं वे वहां नहीं जा सकती हैं। इस विषय को लेकर दोनों पक्षों में करीब एक घंटे बहस चली उसके बाद मजूमदार फोटो न खींचने की शर्त पर अंदर गयीं, लेकिन उन्हें पीड़िता और उनके परिवार से मिलने नहीं दिया गया।
टीएमसी नेता का विवादित बयान
घटना को लेकर टीएमसी के वरिष्ठ नेता व विधायक मदन मित्रा ने विवादित बयान दिया है। मदन मित्रा, टीएमसी ने कहा जो घटना हुई दुखद है, आरोपियों को सजा मिलना चाहिए, लेकिन लड़की अगर उस दिन कॉलेज न जाती तो ऐसी घटना नहीं होती, कोई भी छात्रा कॉलेज खत्म होने के बाद किसी के बुलाने पर कॉलेज न जाए, उसे चाहिए था अपनी दो सहेलियां अपने साथ ले जाती। जिसके बाद टीएमसी ने एक्स पर पोस्ट किया, “सांसद कल्याण बनर्जी और विधायक मदन मित्रा द्वारा दक्षिण कलकत्ता लॉ कॉलेज में हुए जघन्य अपराध के संबंध में की गई टिप्पणियां उनकी व्यक्तिगत हैसियत में की गई थीं। पार्टी स्पष्ट रूप से उनके बयानों से खुद को अलग करती है और इसकी कड़ी निंदा करती है।”
टीएमसी नेता ने उठाया अपने ही दल पर सवाल
पार्टी के वरिष्ठ नेता व अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि – मैं @AITCofficial द्वारा X पर की गई पोस्ट से पूरी तरह असहमत हूं। क्या वे अप्रत्यक्ष रूप से उन नेताओं का समर्थन कर रहे हैं जो इन अपराधियों को बचा रहे हैं? जब तक सीधे तौर पर जिम्मेदार नेताओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक केवल अकादमिक बयानों से कोई वास्तविक बदलाव नहीं आएगा। इससे भी अधिक दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि 2011 के बाद उभरे कुछ नेता खुद ऐसे अपराधों में सवालों के घेरे में हैं। मैं उन लोगों से भी खुद को स्पष्ट रूप से दूर रखना चाहता हूं जो इन अपराधियों को प्रोत्साहित या संरक्षण दे रहे हैं। मेरे शब्दों और बयानों के पीछे के इरादे को सही मायने में समझने के लिए, एक निश्चित स्तर की नैतिक और बौद्धिक एकता की आवश्यकता है-जो दुर्भाग्य से गायब लगती है। @AITCofficial
कल्याण बनर्जी महुआ मोइत्रा के बीच मचा घमासान
मदन मित्रा के बयान से ख़ुद को दूर करने पर कल्याण बनर्जी ने जहां पार्टी पर सवाल उठाए, वहीं सांसद महुआ मोइत्रा ने बिना नाम लिये सोशल माडिया पर पोस्ट किया। महुआ मोइत्रा ने कहा – “भारत में महिलाओं के प्रति द्वेष पार्टी लाइनों से परे है। @AITCofficial में जो बात अलग है वह यह है कि हम इन घृणित टिप्पणियों की निंदा करते हैं, चाहे उन्हें कोई भी करे। इसके जवाब में कल्याण बनर्जी ने उन्हें जवाब देते हुए खूब खरी खोटी सुनायी।
क्या कहा नेताओं ने?
अर्जुन राम मेघवाल, केन्द्रीय मंत्री- टीएमसी के नेता कह रहे हैं कि आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया, लीपापोती से काम नहीं चलेगा? ये कैसे हुआ कॉलेज में? यहां पर अघोषित आपातकाल है, कानून व्यवस्था का बुरा हाल है। धर्मेंद्र प्रधान, केन्द्रीय मंत्री ने कहा- कविगुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर के बंगाल में महिलाओं के साथ ये अत्याचार हो रहा है, आर जी कर के बाद भी ‘मोटी चमड़ी’ वाली सरकार को होश नहीं आया है, सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्य ने ही इस ना को अंजाम दिया।
चंद्रिमा भट्टाचार्य, मंत्री पश्चिम बंगाल सरकार- पुलिस व्यवस्था संभालेगी, क्योंकि पुलिस मंत्री खुद ममता बनर्जी हैं। कुणाल घोष, टीएमसी प्रवक्ता ने कहा- टीएमसी के सभी नेताओं ने कहा कि जिसने भी किया उसके खिलाफ जांच हो फांसी हो।


