प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा लिखे गए उस लेख को साझा किया है, जिसमें भारत के चीता पुनर्वास कार्यक्रम की सफलता और उसकी प्रगति के बारे में विस्तार से बताया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम देश की वन्यजीव संरक्षण नीति के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह भी दिखाता है कि भारत संकटग्रस्त प्रजातियों को बचाने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की कि देश में चीतों की आबादी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि भारत में जन्मी एक मादा चीता ने हाल ही में पाँच शावकों को जन्म दिया है, जो इस बात का “सशक्त प्रमाण” है कि चीते भारतीय जलवायु और वातावरण में पूरी तरह अनुकूलित हो चुके हैं। यह उपलब्धि चीता पुनर्वास कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण सफलताओं में से एक मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा लिखे गए लेख की सराहना करते हुए कहा कि इसमें विस्तार से बताया गया है कि यह कार्यक्रम किस तरह वन्यजीवों के संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास भारत की पर्यावरणीय जिम्मेदारी को दर्शाते हैं और यह दिखाते हैं कि देश जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रभावी उपाय अपना रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चीतों का सफल पुनर्वास न केवल भारत के संरक्षण प्रयासों को मजबूती देता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सही योजना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और निरंतर निगरानी के साथ वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं। उन्होंने यह उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह कार्यक्रम और भी सकारात्मक परिणाम देगा।


