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भारत-EFTA समझौते से निवेश को मिलेगा बूस्ट, गोयल ने यूरोपीय कंपनियों को किया आमंत्रित

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लिकटेंस्टीन की कंपनियों से भारत में निवेश के अवसर तलाशने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत-EFTA ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (TEPA) के तहत यूरोपीय फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों ने भारत में $100 अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसका लाभ विदेशी कंपनियों को उठाना चाहिए।

पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे निवेश, टेक्नोलॉजी सहयोग, स्किल डेवलपमेंट और मजबूत वैल्यू चेन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रिसीजन इंजीनियरिंग, क्लीन एनर्जी, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस्ड मटीरियल, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे कई क्षेत्रों में निवेश के बड़े अवसर हैं।

मंत्री ने लिकटेंस्टीन की कंपनियों से भारत को अपने लंबे समय के बिजनेस बेस के रूप में देखने को कहा। इस समझौते के तहत EFTA देश 15 साल में भारत में $100 अरब डॉलर का निवेश करेंगे, जिससे करीब 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी।

इस दौरान पीयूष गोयल ने लिकटेंस्टीन स्थित हिल्टी ग्रुप के मुख्यालय का भी दौरा किया और कंपनी के सीईओ जहांगिर डूंगाजी से मुलाकात की। चर्चा में भारत में लोकल मैन्युफैक्चरिंग, वैल्यू एडिशन बढ़ाने और भारत से ग्लोबल एक्सपोर्ट बढ़ाने पर बात हुई।

उन्होंने इससे पहले लिकटेंस्टीन की डिप्टी प्रधानमंत्री सबीन मोनाउनी से भी मुलाकात की और व्यापार, इनोवेशन और क्लीन-टेक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

भारत-EFTA TEPA अक्टूबर 2025 से लागू हो चुका है। EFTA में स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन शामिल हैं।

-(इनपुट:एजेंसी)