मार्च में होगा भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026, स्वच्छ ऊर्जा पर रहेगा खास फोकस

सरकार के अनुसार भारत अब ऊर्जा की भरपूर उपलब्धता के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। अब देश में बिजली की कमी नहीं, बल्कि अतिरिक्त बिजली के बेहतर प्रबंधन, मजबूत व्यवस्था और सभी उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवा देने पर फोकस किया जा रहा है।

मार्च में होगा ‘भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026’ का आयोजन

इसी दिशा में ‘भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। यह विद्युत और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी होगा, जो 19 से 22 मार्च तक राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित किया जाएगा।

उपलब्धियों से आगे भविष्य की तैयारी पर जोर

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के अनुसार, यह सम्मेलन केवल अब तक की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में मिलकर क्या किया जा सकता है, उसका स्पष्ट रोडमैप भी तैयार करेगा।

एक मंच पर जुटेंगे नीति, तकनीक और उद्योग के दिग्गज

उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में तकनीक विकसित करने वाली कंपनियां, बुनियादी ढांचा तैयार करने वाले संगठन, नए विचार लाने वाले नवाचारकर्ता और नीतिगत फैसले लेने वाले अधिकारी एक ही मंच पर एकत्र होंगे।

स्थानीय क्षमता और वैश्विक सोच का संगम

मंत्री के मुताबिक, यह सम्मेलन ऐसा मंच बनेगा, जहां भारत की स्थानीय क्षमताएं और दुनिया की वैश्विक सोच मिलकर एक टिकाऊ और मजबूत बिजली भविष्य का निर्माण करेंगी।

चार दिवसीय सम्मेलन की थीम तय

चार दिन चलने वाले इस सम्मेलन का विषय है- ‘विकास को विद्युतीकृत करना, टिकाऊ भविष्य को मजबूत बनाना और दुनिया से जुड़ना’।

स्वच्छ ऊर्जा में भारत की प्रगति पर फोकस

इस सम्मेलन में भारत की स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में हो रही प्रगति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही बिजली क्षेत्र में मौजूद चुनौतियों और अवसरों पर भी गहन चर्चा होगी।

सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत की भागीदारी

विद्युत मंत्रालय के अनुसार, सम्मेलन में भारत और अन्य देशों से सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। यहां बिजली और टिकाऊ ऊर्जा के भविष्य पर विचार-विमर्श के साथ देशों के बीच सहयोग को मजबूत किया जाएगा।

50 से ज्यादा उच्चस्तरीय बैठकें और तकनीकी प्रदर्शनी

इस कार्यक्रम में 50 से अधिक उच्च स्तर की बैठकें, विशेषज्ञों की पैनल चर्चाएं, विभिन्न विषयों पर आधारित पवेलियन और नई तकनीकों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जो विद्युत और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के हर पहलू को प्रदर्शित करेगी।

हजारों प्रतिनिधि और सैकड़ों वक्ता होंगे शामिल

मंत्रालय के मुताबिक, इस आयोजन में भारत और दुनिया भर से 500 से अधिक प्रदर्शक, 25,000 से ज्यादा आगंतुक, 1,000 से अधिक प्रतिनिधि और करीब 300 वक्ता भाग लेंगे।

खरीदार-विक्रेता बैठकों से बढ़ेगा व्यापार

सम्मेलन की एक खास विशेषता ‘खरीदार-विक्रेता बैठक’ होगी, जिससे नई साझेदारियां विकसित होंगी और वैश्विक बिजली क्षेत्र में व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे।

निवेश और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

सरकारी बयान के अनुसार, यह सम्मेलन देशों के बीच सहयोग को बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और स्वच्छ बिजली को तेजी से अपनाने में अहम भूमिका निभाएगा। (इनपुट: आईएएनएस)