भारतीय नौसेना ने 17 मई, 2026 को भोपाल की प्रसिद्ध अपर झील (भोजताल) में अपने प्रमुख नौसैनिक नौकायन केंद्र का शुभारंभ किया। यह केंद्र जल क्रीड़ा और नौकायन प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
नौसेना प्रमुख ने किया उद्घाटन समारोह का नेतृत्व
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। समारोह में रक्षा बलों, असैन्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, एनसीसी कैडेट्स और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
भव्य सेल परेड और जल क्रीड़ा प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान आईएनडब्ल्यूटीसी विशाखापत्तनम के 30 से अधिक नौसैनिकों ने रोइंग, कयाकिंग और कैनोइंग की शानदार प्रस्तुति दी। साथ ही सेल परेड और जल क्रीड़ा प्रदर्शन ने उपस्थित लोगों को आकर्षित किया।
प्रशिक्षण और जल कौशल पर विशेष जोर
भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण ढांचे में जल कौशल हमेशा एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। यह केंद्र नौसैनिकों के बीच टीम भावना, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और मजबूत करेगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नया केंद्र
यह नौकायन केंद्र नौसेना की रोइंग, कैनोइंग और कयाकिंग टीमों के साथ-साथ राष्ट्रीय कैडेट कोर के प्रशिक्षण के लिए भी उपयोग किया जाएगा। वर्तमान में नौसेना नौकायन टीम के 34 सदस्यों में से 17 सदस्य मध्य प्रदेश से हैं।
युवाओं को खेल और रक्षा सेवाओं के लिए प्रेरणा
इस पहल का उद्देश्य मध्य प्रदेश सहित देश के अधिक युवाओं को जल क्रीड़ा और प्रतिस्पर्धी खेलों की ओर आकर्षित करना है, साथ ही उन्हें रक्षा सेवाओं में शामिल होने के लिए प्रेरित करना भी है।
राष्ट्रीय खेल नीति और ओलंपिक लक्ष्य से जुड़ी पहल
यह परियोजना भारत सरकार की उस दृष्टि के अनुरूप है, जिसमें ओलंपिक और एशियाई खेलों के लिए विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को तैयार करने पर जोर दिया गया है। साथ ही यह राष्ट्रीय खेल नीति के लक्ष्यों को भी आगे बढ़ाती है। (इनपुट-पीआईबी)


