कोयला मंत्रालय भारत के कोयला गैसीफिकेशन मिशन को गति देने और उद्योग जगत की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 18 जून 2026 को मुंबई में सरफेस कोल/लिग्नाइट गैसीफिकेशन परियोजनाओं को बढ़ावा देने की योजना पर तीसरे रोडशो का आयोजन करेगा।
इससे पहले नई दिल्ली और हैदराबाद में आयोजित रोडशो को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। मुंबई में होने वाला यह कार्यक्रम उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों, निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, कोयला क्षेत्र के अधिकारियों, वित्तीय संस्थानों और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाएगा। कार्यक्रम में कोयला गैसीफिकेशन के अवसरों और स्वच्छ एवं टिकाऊ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की रणनीति पर चर्चा होगी।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विशेष अतिथि होंगे। कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
इसके अलावा कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त, अतिरिक्त सचिव सनोज कुमार झा समेत मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।
कोयला गैसीफिकेशन भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, आयात पर निर्भरता कम करने, घरेलू कोयला संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और डाउनस्ट्रीम उद्योगों के विकास की रणनीति का अहम हिस्सा बनकर उभर रहा है।
इस तकनीक के जरिए कोयले को सिंथेसिस गैस (सिंगैस) में बदला जाता है, जिससे मेथनॉल, यूरिया, अमोनियम नाइट्रेट, सिंथेटिक नेचुरल गैस और अन्य रासायनिक उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इससे औद्योगिक विकास और आयात प्रतिस्थापन के नए अवसर पैदा होंगे।
सरकार ने कोयला गैसीफिकेशन की क्षमता को देखते हुए 46,000 करोड़ रुपये की बड़ी योजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य देशभर में कोयला गैसीफिकेशन परियोजनाओं को बढ़ावा देना, घरेलू कोयले के उपयोग से रणनीतिक औद्योगिक उत्पाद तैयार करना, प्राकृतिक गैस, मेथनॉल और अमोनिया जैसे आयातित उत्पादों पर निर्भरता कम करना और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाना है।
योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) को सार्वजनिक किया है और सभी हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
यह रोडशो इस बात का संकेत है कि कोयला मंत्रालय भारत के विशाल कोयला संसाधनों को औद्योगिक नवाचार, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास के बड़े साधन के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
निवेश को बढ़ावा देने, साझेदारी मजबूत करने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के जरिए मंत्रालय एक मजबूत कोयला गैसीफिकेशन इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
-(PIB)


