वाणिज्य मंत्रालय ने चांदी की कुछ वस्तुओं के लिए आयात की मंजूरी जारी करने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सुगम और स्व-घोषणा पर आधारित तरीका शुरू किया है। इसका मकसद सही आवेदकों के लिए प्रक्रिया का समय कम करना है। चांदी की वस्तुओं का आयात ‘अंकुश’ की श्रेणी में आता है। आयात के लिए सरकार से लाइसेंस और प्राधिकरण से मंजूरी लेना आवश्यक है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने व्यापार नोटिस में कहा, ‘‘व्यापार को सुगम बनाने के लिए चांदी की वस्तुओं (‘कच्ची चांदी’ को छोड़कर) के आयात के लिए स्व-घोषणा और भरोसे पर आधारित सरल प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसका मकसद वास्तविक आवेदकों के आवेदनों का निपटारा तेजी से करना है।’’
नोटिस के अनुसार, ऐसे आवेदनों पर इस प्रक्रिया के तहत तेजी से निर्णय लेने पर विचार किया जा सकता है, जिनमें स्व-घोषणा दी गई हो कि प्रस्तावित आयात पर सामान्य रूप से लागू दर से सीमा शुल्क का भुगतान किया जाएगा और किसी भी रियायत का लाभ नहीं लिया जाएगा।
डीजीएफटी ने कहा कि इस श्रेणी में नहीं आने वाले आवेदनों की लागू नीतिगत प्रावधानों के अनुसार विस्तृत जांच की जाएगी और गुण-दोष के आधार पर उन पर निर्णय लिया जाएगा। (भाषा)


