महिलाओं के नेतृत्व वाले ग्रामीण मार्केटिंग नेटवर्क के लिए SHE-MARTs मॉडल तैयार करेगा ग्रामीण विकास मंत्रालय

ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) ने महिलाओं के नेतृत्व वाले ग्रामीण मार्केटिंग नेटवर्क विकसित करने के लिए SHE-MARTs (सेल्फ हेल्प एंटरप्रेन्योर्स-मार्केटिंग एवेन्यूज फॉर रूरल ट्रांसफॉर्मेशन) की राष्ट्रीय रूपरेखा तैयार करने की पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को मजबूत करना, ग्रामीण आय बढ़ाना और देशभर के स्वयं सहायता समूहों के लिए बाजार तक पहुंच का विस्तार करना है।

भुवनेश्वर में हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श बैठक

इस रोडमैप पर चर्चा 14 और 15 मई को भुवनेश्वर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श बैठक के दौरान की गई। इस बैठक का आयोजन दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) द्वारा किया गया। बैठक की मेजबानी ओडिशा सरकार के मिशन शक्ति विभाग के तहत ओडिशा लाइवलीहुड्स मिशन ने की, जबकि PRADAN ने राष्ट्रीय सहयोगी संगठन के रूप में भूमिका निभाई।

कई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

बैठक में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों (SRLMs), राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), वित्तीय संस्थानों, विकास विशेषज्ञों और विभिन्न सहयोगी संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य फोकस केंद्रीय बजट 2026 में घोषित SHE-MART पहल को जमीनी स्तर पर लागू करने की रणनीति तैयार करना रहा।

संचालन संबंधी दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देने पर जोर

परामर्श बैठक का उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मिले सुझावों को शामिल करते हुए SHE-MARTs के संचालन संबंधी दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देना था। इस दौरान संस्थागत ढांचे, वित्तीय मॉडल, गवर्नेंस सिस्टम, बिजनेस प्रोसेस, तकनीकी एकीकरण, मॉनिटरिंग मैकेनिज्म और कार्यान्वयन रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

महिला समूहों के स्वामित्व वाला मॉडल विकसित करने की बात

उद्घाटन सत्र को वर्चुअली संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव टी.के. अनिल कुमार ने कहा कि DAY-NRLM का भविष्य उद्यम विकास और मजबूत बाजार एकीकरण में निहित है। उन्होंने कहा कि SHE-MARTs को सब्सिडी आधारित संस्थागत ढांचे के बजाय महिलाओं के सामुदायिक समूहों द्वारा संचालित रिटेल और एग्रीगेशन प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

बड़े स्तर पर लागू करने की रणनीति पर चर्चा

ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा ने कहा कि यह परामर्श बैठक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए ड्राफ्ट फ्रेमवर्क की समीक्षा करने, चुनौतियों की पहचान करने और बड़े स्तर पर लागू करने के व्यावहारिक सुझाव देने का महत्वपूर्ण मंच रही। वहीं, मंत्रालय की एक अन्य संयुक्त सचिव रोहिणी आर. भाजीभाकरे ने VB-GRAM-G पहल की प्रमुख विशेषताओं और SHE-MARTs के साथ उसके समन्वय की संभावनाओं पर चर्चा की।

ओडिशा मॉडल और महिला उद्यमिता पर जोर

ओडिशा लाइवलीहुड्स मिशन की राज्य मिशन निदेशक मोनिका प्रियदर्शिनी ने मिशन शक्ति और सामुदायिक संस्थाओं के माध्यम से महिलाओं के नेतृत्व वाले विकेंद्रीकृत उद्यम मॉडल के अनुभव साझा किए। DAY-NRLM के ग्रामीण आजीविका निदेशक डॉ. मोलीश्री ने SHE-MART पहल की रणनीतिक दृष्टि पेश करते हुए कहा कि अब आजीविका आधारित मॉडल से आगे बढ़कर उद्यम-आधारित ग्रामीण बाजार प्रणाली विकसित करने की जरूरत है।

महिलाओं के लिए स्थायी बाजार नेटवर्क बनाने पर सहमति

बैठक के दूसरे दिन मानव संसाधन संरचना, महिला नेतृत्व, तकनीकी डिजाइन, कार्यान्वयन रणनीति और क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि SHE-MARTs को पेशेवर तरीके से संचालित किया जाए, लेकिन इसमें सामुदायिक स्वामित्व और महिलाओं के नेतृत्व को बरकरार रखा जाए। बैठक में इस बात पर व्यापक सहमति बनी कि SHE-MARTs को सब्सिडी आधारित रिटेल आउटलेट्स के बजाय विकेंद्रीकृत, पेशेवर और सामुदायिक स्वामित्व वाले उद्यम नेटवर्क के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

‘लखपति दीदी’ लक्ष्य को आगे बढ़ाने की तैयारी

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 2029 तक तीन करोड़ अतिरिक्त ‘लखपति दीदी’ तैयार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्रालय ने कहा कि राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों के सहयोग से SHE-MARTs को स्थायी ग्रामीण मार्केटिंग प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे महिला उत्पादक समूहों को ब्रांडिंग, उद्यम विस्तार और आय बढ़ाने के नए अवसर मिलेंगे। (इनपुट-पीआईबी)