24/05/24 | 7:15 pm | MP tourism

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मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया, पहली पसंद उज्जैन रहा

मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। साल 2023 में 11 करोड़ से ज्यादा देशी-विदेशी पर्यटक मध्य प्रदेश में पहुंचे। पहली पसंद उज्जैन रहा। बाबा महाकाल के दर्शन और महाकाल लोक देखने के लिए सबसे ज्यादा 5.28 करोड़ लोग पहुंचे। इस साल भी अप्रैल-मई में करीब 45 लाख भक्त आ चुके हैं। मैहर, इंदौर, चित्रकूट और ओकारेंश्वर भी पसंदीदा जगहों में टॉप-5 में है। भोपाल 10वें नंबर पर रहा।

एमपी में जनवरी से दिसंबर 2023 तक 11 करोड़ 21 लाख पर्यटक पहुंचे

मप्र टूरिज्म बोर्ड ने शुक्रवार को साल 2023 के आंकड़े जारी किए हैं, जिसके अनुसार मध्य प्रदेश में जनवरी से दिसंबर, 2023 तक प्रदेश में 11 करोड़ 21 लाख पर्यटक पहुंचे। इनमें विदेशी पर्यटकों की संख्या एक लाख 83 हजार रही। पिछले साल 2022 में पर्यटकों की संख्या तीन करोड़ 41 लाख 38 हजार 757 संख्या रही थी। इससे पहले 2019 में कोविड प्रतिबंध लागू होने से पहले कुल आठ करोड़ 90 लाख 35 हजार 97 पर्यटक मध्य प्रदेश पहुंचे थे।

पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव एवं मप्र टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हो रही है। प्रदेश के पांच धार्मिक स्थलों उज्जैन, मैहर, चित्रकूट, ओंकारेश्वर और सलकनपुर में लोग जाकर मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं।

इन धार्मिक स्थलों का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। शुक्ला के अनुसार सलकनपुर में देवी लोक, ओरछा में राजा राम लोक, छिंदवाड़ा में हनुमान लोक, चित्रकूट में श्रीराम वनगमन पथ जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं पूर्ण होने के बाद निश्चित ही प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होगी।

पिछले साल जबलपुर पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या लगभग 27 लाख रही, जिन्होंने न केवल नर्मदा का सौंदर्य निहारा, बल्कि जबलपुर के निकट कान्हा, बांधवगढ़, पेंच टाइगर रिजर्व पहुंकर बाघों का भी दीदार किया। नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक पहुंचने वालों की संख्या जहां 36 लाख रही।

एक करोड़ 68 लाख लोग मैहर पहुंचे, जबकि चित्रकूट पहुंचने वालों की संख्या लगभग 90 लाख रही। श्री राम की तपोस्थली चित्रकूट में लोगों ने पुराने मठ मंदिरों के दर्शन किए हैं, बल्कि भगवान श्री राम के समय के मौजूद अवशेष भी देखे।

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