केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय 14 जुलाई को तीसरा ‘नमस्ते दिवस’ मनाएगा। यह आयोजन 2023 में शुरू की गई राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता इको-सिस्टम (नमस्ते) योजना के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। मुख्य कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित रवींद्र सदन में आयोजित होगा, जबकि देशभर के शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में भी समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर मंत्रालय की ओर से दिव्य कला मेला का भी आयोजन किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री और अन्य गणमान्य रहेंगे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और राज्य मंत्री रामदास अठावले के शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल सरकार के प्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों, केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) तथा अन्य गणमान्य लोगों के भी उपस्थित रहने की संभावना है।
स्वच्छता कर्मचारियों के सम्मान पर रहेगा विशेष फोकस
नमस्ते दिवस के अवसर पर देशभर के शहरी स्थानीय निकायों में स्वच्छता कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जांच शिविर, सरकारी योजनाओं और भत्तों की जानकारी, मशीनीकृत स्वच्छता उपकरणों एवं सुरक्षा गियर का प्रदर्शन तथा स्वच्छता कर्मचारियों के योगदान को सम्मानित करने जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।
सुरक्षा, सम्मान और गरिमा बढ़ाने की पहल
मंत्रालय के अनुसार, नमस्ते दिवस सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मचारियों, कचरा बीनने वालों तथा पूर्व में हाथ से मैला ढोने वाले सफाईकर्मियों के योगदान को सम्मान देने के लिए समर्पित है। इसका उद्देश्य मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा देकर जोखिमपूर्ण कार्यप्रणालियों को समाप्त करना, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना, कौशल विकास और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना तथा स्वच्छता कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है।
जागरूकता बढ़ाने का भी अवसर
मंत्रालय ने कहा कि यह आयोजन सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक स्वच्छता व्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है। नमस्ते दिवस स्वच्छता कर्मचारियों के अधिकारों, उनके कल्याण और समाज में उनके योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।
नमस्ते योजना का उद्देश्य
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने वर्ष 2023-24 में राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता इको-सिस्टम (नमस्ते) योजना शुरू की थी। योजना का उद्देश्य स्वच्छता कार्यों में होने वाली मौतों को शून्य करना, मानव मल के साथ स्वच्छता कर्मचारियों का सीधा संपर्क समाप्त करना, सभी सफाई कार्यों को सुरक्षा उपकरणों और मशीनीकृत तकनीक के माध्यम से कराना, आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों (ईआरएसयू) को सशक्त बनाना तथा स्वयं सहायता समूहों और उद्यमिता के जरिए स्वच्छता कर्मचारियों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। (इनपुट: पीआईबी)


