उत्तराखंड सरकार ने मोटर मार्ग निर्माण के लिए राज्य योजना के तहत 9.81 करोड़ रुपए किए स्वीकृत

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल के बेतालघाट ब्लॉक में दूनीखाल से रातीधाट तक मोटर मार्ग के निर्माण के लिए राज्य योजना के तहत 9.81 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की है। सीएम धामी ने आपदा प्रबंधन से संबंधित सूचनाओं के बेहतर आदान-प्रदान के लिए कमांड और कंट्रोल सेंटर के रूप में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) बटालियन नियंत्रण कक्ष की स्थापना को भी मंजूरी दी।

इसके अतिरिक्त, आधुनिक प्रौद्योगिकियों के साथ इसके उन्नयन के लिए एसडीआरएफ क्षमता विकास घटक से 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ जिले में थल तहसील में कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 4.56 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दी है। इससे पहले, मंगलवार को नई दिल्ली में लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में सीएम धामी से शिष्टाचार भेंट की।

इस अवसर पर, प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के लिए राहत और पुनर्वास प्रयासों में सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 5 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता सौंपी। सीएम धामी ने एलएंडटी प्रतिनिधियों के सराहनीय सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में कॉर्पोरेट क्षेत्र का योगदान राज्य सरकार के लिए महत्वपूर्ण मदद साबित होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी से इन प्रयासों में तेजी लाने तथा प्रभावित समुदायों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा सीएम धामी ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से भेंट कर गौलापार क्षेत्र, हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय निर्माण हेतु चिन्हित 12.317 हेक्टेयर वन भूमि स्थानांतरित किए जाने का अनुरोध किया। साथ ही गंगा एवं उसकी सहायक नदियों पर स्वीकृत 7 जल विद्युत परियोजनाओं (कुल क्षमता 647 MV) के विकास एवं निर्माण की अनुमति प्रदान करने का भी अनुरोध किया।

सीएम धामी ने एक्स पर कहा कि प्रदेश सरकार गंगा एवं अन्य नदियों की निर्मलता तथा पर्यावरण संरक्षण हेतु विशेषज्ञों द्वारा दी जाने वाली संस्तुतियों का पालन करते हुए प्रदेश के सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड एक आपदा-प्रवण राज्य है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अक्सर प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन को मजबूत करने और राहत तंत्र की दक्षता बढ़ाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।

वहीं, पिछले महीने सीएम धामी ने चमोली जिले के आपदा प्रभावित नंदानगर क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया था और प्रभावित लोगों से मुलाकात की थी। चमोली में बादल फटने से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 लोग घायल हो गए, जिनका स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है। (इनपुट-एएनआई)