पश्चिम बंगाल विधानसभा में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) लागू करने के लिए गुरुवार को एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू , कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन और पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष मौजूद रहे। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि विधायी संस्थाओं में डिजिटल परिवर्तन समय की आवश्यकता है और केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल विधानसभा को पूर्णतः डिजिटल सदन बनाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार तकनीक के माध्यम से शासन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म विधायी कार्यों को अधिक प्रभावी बनाते हैं और सदस्यों को समय पर आवश्यक विधायी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करते हैं। वहीं एल. मुरुगन ने कहा कि तकनीक के उपयोग से नागरिक सहभागिता बढ़ेगी, पारदर्शिता मजबूत होगी और विधायी सूचनाओं तक पहुंच आसान होगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष रथीन्द्र बोस ने विश्वास जताया कि NeVA के लागू होने से विधानसभा की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुलभ बनेगी।
समारोह में संसदीय कार्य मंत्रालय के सचिव निकुंज बिहारी ढाल ने कहा कि NeVA के माध्यम से विधानसभा की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, समयबद्धता और दक्षता बढ़ेगी। वहीं अतिरिक्त सचिव एवं NeVA मिशन लीडर सत्य प्रकाश ने आश्वासन दिया कि मंत्रालय और केंद्रीय परियोजना निगरानी इकाई (CPMU) की ओर से पश्चिम बंगाल विधानसभा को हर आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
समझौते पर संसदीय कार्य मंत्रालय की ओर से डॉ. सत्य प्रकाश, पश्चिम बंगाल विधानसभा की ओर से प्रधान सचिव सौमेंद्र नाथ दास तथा पश्चिम बंगाल सरकार के संसदीय कार्य विभाग की ओर से विशेष सचिव संपा धर ने हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के साथ पश्चिम बंगाल विधानसभा NeVA पहल से जुड़ने वाली देश की 33वीं विधायिका बन गई है। अब तक 21 विधायिकाएं NeVA प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरी तरह डिजिटल कार्यप्रणाली अपनाने में सफल रही हैं।
NeVA, संसदीय कार्य मंत्रालय की एक मिशन मोड परियोजना है, जिसका उद्देश्य देशभर की विधायिकाओं की कार्यप्रणाली को एक साझा डिजिटल मंच के माध्यम से आधुनिक और पेपरलेस बनाना है। यह पहल प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया विजन के अनुरूप है। NeVA के जरिए प्रश्न, विधेयक, नोटिस, आश्वासन, समिति संबंधी कार्य, कार्यसूची, बुलेटिन और अन्य सदनीय गतिविधियों का डिजिटल प्रबंधन किया जा सकता है। साथ ही यह विधायी अभिलेखों और कार्यवाही का स्थायी डिजिटल भंडार भी उपलब्ध कराता है।
संसदीय कार्य मंत्रालय इस परियोजना के तहत राज्यों की विधायिकाओं को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग, क्षमता निर्माण और कार्यान्वयन संबंधी सहायता प्रदान करता है।
-(PIB)


