उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कहा कि वंदे मातरम का विरोध करने वालों को भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है। बजट सत्र के दौरान उन्होंने सपा और कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
6 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में डबल इंजन सरकार के सतत प्रयासों से 6 करोड़ से अधिक लोगों को बहुआयामी गरीबी की रेखा से ऊपर लाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े नीति आयोग के हैं, जो विकास और कल्याणकारी योजनाओं के परिणामस्वरूप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि लाभार्थियों को अन्य योजनाओं से वंचित किया जाएगा। राशन, स्वास्थ्य और अन्य सरकारी सुविधाएं पहले की तरह मिलती रहेंगी।
सपा सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर हमला
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले कानून चंद हाथों की जागीर बन गया था। कर्फ्यू और दंगे आम बात थे, पर्व-त्योहार आशंका के पर्याय बन गए थे, पुलिस का मनोबल टूटा हुआ था और न बेटी सुरक्षित थी, न व्यापारी। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में उपद्रव नहीं, बल्कि उत्सव का माहौल है। कर्फ्यू कल्चर की जगह जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है और प्रदेश में भय नहीं, आस्था का वातावरण है।
‘वंदे मातरम’ पर सपा-कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल भारत से खाते-पीते हैं, लेकिन वंदे मातरम गाने से इनकार करते हैं। ऐसे लोगों को भारतीय धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने सपा के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकारों पर अयोध्या और मथुरा के विकास को रोकने, कांवड़ यात्रा और दीपोत्सव जैसे आयोजनों का विरोध करने का आरोप लगाया।
दंगा-प्रधान से मंदिर-प्रधान अर्थव्यवस्था की ओर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब आस्था और विकास के संतुलन का मॉडल बन रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य दंगा-प्रधान अर्थव्यवस्था से मंदिर-प्रधान अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर हुआ है, जहां विरासत और विकास साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रयागराज में आयोजित माघ मेले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले जहां लगभग 12 करोड़ श्रद्धालु शामिल होते थे, वहीं इस वर्ष करीब 21 करोड़ तीर्थयात्रियों ने भाग लिया, जो बेहतर कानून-व्यवस्था और बढ़ती जन-आस्था का संकेत है।
कानून-व्यवस्था और पुलिस सुधारों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं रहा, बल्कि देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में अब 12 फोरेंसिक प्रयोगशालाएं कार्यरत हैं, जबकि पहले केवल दो या तीन थीं। लखनऊ में राज्य फोरेंसिक संस्थान की स्थापना की गई है। प्रत्येक जिले में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित किए गए हैं और सभी थानों में साइबर डेस्क संचालित हैं। इसके अलावा 60,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है, पीएसी इकाइयों का पुनर्गठन हुआ है और महिला पीएसी बटालियन का गठन किया गया है। अन्य बटालियनों का गठन भी प्रक्रियाधीन है। (इनपुट: आईएएनएस)


