पवित्र काशी में गंगा तट पर योग की महक फैल गई। ‘गंगोत्री से गंगासागर’ योग अभियान के तहत रविदास घाट पर मंगलवार 17 जून को एक भव्य योग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, योग प्रेमियों और गंगा किनारे के लोगों ने एक साथ योगासन कर कार्यक्रम को यादगार बनाया।

इस अभियान का उद्देश्य मां गंगा के उद्गम स्थल गंगोत्री से लेकर उनके संगम स्थल गंगासागर तक योग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। 

मंत्री दयाशंकर मिश्र ने कहा

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर मिश्र ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह यात्रा गंगोत्री से शुरू होकर गंगासागर तक चलेगी। आयुष मंत्रालय, आयुष मिशन और मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के संयुक्त प्रयास से चलाया जा रहा यह अभियान विश्व योग दिवस (21 जून) की पूर्व संध्या पर एक सप्ताह तक चलेगा।

मंत्री ने यह भी बताया कि यह अभियान केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि नदी किनारों, गांवों के अमृत सरोवरों, पौराणिक स्थलों, धार्मिक और ऐतिहासिक जगहों तथा पार्कों तक योग को ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा, “समाज के हर वर्ग को योग से जोड़ना हमारा मुख्य लक्ष्य है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है”।

आयुष महानिदेशक का बयान

आयुष विभाग की महानिदेशक चैत्रवी ने कहा कि ‘गंगोत्री से गंगासागर’ शृंखला की शुरुआत 14 जून को गंगोत्री से हुई थी। इसके बाद ऋषिकेश, हरिद्वार और प्रयागराज में कार्यक्रम हो चुके हैं। अब 17 जून को वाराणसी में यह आयोजन किया गया।

उन्होंने इस वर्ष की अंतरराष्ट्रीय योग दिवस थीम “Yoga for Healthy Aging” का उल्लेख करते हुए कहा कि योग न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा भी प्रदान करता है। चैत्रवी ने कहा “गंगा तट पर योगाभ्यास का विशेष महत्व है। हम ‘करें योग, रहें निरोग’ का संदेश पूरे देश में फैला रहे हैं,”।

यह कार्यक्रम 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें गंगा के किनारे योग के माध्यम से स्वास्थ्य, पर्यावरण और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। (इनपुट-एजेंसी)