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ICMR की तीन नई जैव-चिकित्सा तकनीकों से कैंसर और संक्रमण के इलाज को मिलेगी मजबूती

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने कैंसर और संक्रामक रोगों के इलाज से जुड़ी तीन स्वदेशी बायोमेडिकल तकनीकों को विकास, निर्माण और व्यावसायिक उपयोग के लिए देश की प्रमुख दवा एवं वैक्सीन कंपनियों को हस्तांतरित किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

मंत्रालय के अनुसार, यह पहल सार्वजनिक धन से विकसित शोध को किफायती स्वास्थ्य सेवाओं में बदलने और भारत के जैव-चिकित्सा नवाचार तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

हस्तांतरित तकनीकों में SHetA2 नामक नई उपचार तकनीक शामिल है, जिसे सर्वाइकल इंट्राअपीथीलियल नियोप्लासिया (CIN) के इलाज के लिए विकसित किया गया है। यह तकनीक एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड को लाइसेंस की गई है।

SHetA2 को ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च (ICMR-NICPR) के वैज्ञानिक डॉ. शोकेत हुसैन और अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ ओक्लाहोमा स्थित स्टीफेंसन कैंसर सेंटर की डॉ. डोरिस एम. बेनब्रुक के सहयोग से विकसित किया गया है।

यह तकनीक HPV संक्रमण से उत्पन्न पूर्व-कैंसर और सर्वाइकल कैंसर कोशिकाओं को लक्षित कर समाप्त करती है, जबकि स्वस्थ कोशिकाओं को सुरक्षित रखती है। मंत्रालय के अनुसार, इससे सर्वाइकल कैंसर के लिए सुरक्षित, किफायती और कम आक्रामक उपचार विकल्प उपलब्ध हो सकता है।

इसके अलावा ICMR-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च इन बैक्टीरियल इंफेक्शंस (ICMR-NIRBI), कोलकाता द्वारा विकसित दो अगली पीढ़ी (नेक्स्ट जेनरेशन) की वैक्सीन तकनीकों का लाइसेंस बायोलॉजिकल ई लिमिटेड को दिया गया है।

इनमें साल्मोनेला टाइफी के बाहरी झिल्ली प्रोटीन पर आधारित एक नई टाइफाइड वैक्सीन तकनीक शामिल है। दूसरी तकनीक साल्मोनेला टाइफी, साल्मोनेला पैराटाइफी और शिगेला जैसे बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमणों से व्यापक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित की गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि ये तकनीकें कैंसर की रोकथाम और संक्रामक रोगों के नियंत्रण के क्षेत्र में भारत की क्षमता को मजबूत करेंगी। साथ ही, अगली पीढ़ी की स्वदेशी दवाओं और वैक्सीन के विकास को भी गति मिलेगी।

मंत्रालय के अनुसार, ICMR ने अनुसंधान, बौद्धिक संपदा संरक्षण, क्लीनिकल परीक्षण, नियामकीय सहयोग और व्यावसायीकरण तक की पूरी प्रक्रिया को समर्थन देने वाला एक समग्र नवाचार तंत्र विकसित किया है, जिससे नई स्वास्थ्य तकनीकों को तेजी से आम लोगों तक पहुंचाया जा सके।

-(इनपुटःएजेंसी)

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