प्रतिक्रिया | Thursday, April 03, 2025

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उपभोक्ताओं को अनचाहे लिंक संदेशों से बचाने की ट्राई की पहल, 01 अक्टूबर से मैसेज में अनचाहे और गलत लिंक पर रोक

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) 1 अक्टूबर से फोन मैसेज में यूआरएल से संबंधित अपने निर्देशों को लागू करने जा रहा है। इसका मतलब है कि अब मैसेज में केवल अनुमति प्राप्त प्रेषक ही यूआरएल, एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट), या ओटीटी (ओवर द टॉप) लिंक भेज पाएंगे। ट्राई की इस पहल का उद्देश्य सुरक्षित संचार प्रणाली को बढ़ावा देना है ताकि उपभोक्ताओं को गलत और अनचाहे लिंक संदेशों से बचाया जा सके।

ट्राई ने 20 अगस्त को सभी एक्सेस प्रदाताओं को इटलिस्टेड के बाहर यूआरएल, एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट) या ओटीटी (ओवर द टॉप) लिंक वाले किसी भी ट्रैफ़िक को ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया था।

अनचाहे संदेशों से बचाने के लिए बनाया गया नियम
ट्राई ने ट्राई पंजीकृत प्रेषकों को यूआरएल वाले एसएमएस ट्रैफिक के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए अपने श्वेतसूची वाले लिंक को संबंधित एक्सेस प्रदाताओं के पोर्टल पर तुरंत अपलोड करने की सलाह दी है। अब तक 3 हजार से अधिक पंजीकृत प्रेषकों ने 70 हजार से अधिक लिंक को श्वेतसूची में डालकर निर्देश का अनुपालन किया है। वहीं, जो प्रेषक नियत तिथि तक अपने लिंक को श्वेत सूची में डालने में विफल रहेगा वे लिंक वाले किसी भी मैसेज को प्रसारित नहीं कर पायेगा। ट्राई की यह पहल उपभोक्ताओं को दुर्भावनापूर्ण लिंक वाले अनचाहे संदेशों से बचाने के लिए बनाई गई है, साथ ही एक पारदर्शी और सुरक्षित संचार प्रणाली को प्रोत्साहन देती है। इन नए नियमों का पालन करके, एक्सेस प्रदाता और पंजीकृत प्रेषक दोनों ही अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित संदेश वातावरण बनाने में सहायता कर सकते हैं।

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आखरी अपडेट: 3rd Apr 2025