त्रिनिदाद और टोबैगो सरकार भारत के साथ दीर्घकालिक साझेदारी करने की “अत्यधिक इच्छुक” है: भारतीय दूत

त्रिनिदाद एवं टोबैगो में भारत के उच्चायुक्त प्रदीप सिंह राजपुरोहित ने इस बात पर प्रकाश डाला कि त्रिनिदाद एवं टोबैगो के लोगों और सरकार में भारत के साथ अधिक सहभागिता एवं सहयोग की “तीव्र इच्छा” है। उन्होंने दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “यहां एक बड़ी आबादी है, इस देश की आधी से ज़्यादा आबादी भारतीय मूल की है, वे पिछले 180 सालों से यहां रह रहे हैं। उनमें से कई लोग 5वीं और 6वीं पीढ़ी के हैं।”

उच्चायुक्त राजपुरोहित ने मीडिया को बताया, “लोगों में काफी उत्साह और उमंग है, हर कोई इस यात्रा का इंतजार कर रहा है, त्रिनिदाद और टोबैगो में पहले से ही विभिन्न क्षेत्रों में अधिक से अधिक सहभागिता और सहयोग की तीव्र इच्छा है और इस संदर्भ में लोग और सरकार दोनों ही भारत और त्रिनिदाद और टोबैगो के बीच दीर्घकालिक साझेदारी, व्यापक साझेदारी के लिए अत्यधिक इच्छुक हैं।”

राजदूत ने दशकों से भारतीय विरासत को संरक्षित करने में प्रवासी समुदाय के प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “प्रवासी समुदाय में बहुत उत्साह है। वे भारत में हो रहे घटनाक्रमों पर नियमित रूप से नजर रखते हैं।” उन्होंने भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव की भावना को भी रेखांकित किया जो पीढ़ियों के बीच पनपती रहती है।

उच्चायुक्त ने प्रधानमंत्री मोदी की कैरेबियाई राष्ट्र की यात्रा के लिए लोगों में उत्साह और उमंग को उजागर करते हुए कहा, “हर कोई इस यात्रा की प्रतीक्षा कर रहा है। त्रिनिदाद और टोबैगो में पहले से ही विभिन्न क्षेत्रों में अधिक से अधिक सहभागिता और सहयोग की तीव्र इच्छा है और इस संदर्भ में, लोग और सरकार दोनों ही भारत और त्रिनिदाद और टोबैगो के बीच दीर्घकालिक साझेदारी और व्यापक साझेदारी चाहते हैं।”

भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि द्वितीय भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के लिए पिछले वर्ष प्रधानमंत्री मोदी की गुयाना यात्रा के दौरान रखी गई नींव पर चर्चा जारी रहेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले वर्ष द्वितीय भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के लिए गुयाना का दौरा किया था तथा अनेक क्षेत्रों पर चर्चा की गई थी। उस वक्त हमारे प्रधानमंत्री ने अनेक घोषणाएं की थीं। उन्होंने आगे कहा, “कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य एवं फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों पर दोनों पक्षों के बीच चर्चा होने की संभावना है और हम प्रधानमंत्री की यात्रा से कुछ ठोस परिणाम की उम्मीद करते हैं।”

उच्चायुक्त ने त्रिनिदाद और टोबैगो की नई सरकार के संदर्भ में इस यात्रा के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्रिनिदाद और टोबैगो की सरकार एक नई सरकार है, कैबिनेट में कई मंत्री भारतीय मूल के हैं। उनमें इस बात को लेकर काफी उत्साह है कि वे भारत की विकास यात्रा का पूरा लाभ उठाएंगे। उन्होंने कहा कि वे कैरीबियाई क्षेत्र में भारत के प्रमुख यूपीआई प्लेटफॉर्म को अपनाने वाले पहले देश हैं, और वे इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया में हैं।

गौरतलब हो, प्रधानमंत्री मोदी की द्वीपीय राष्ट्र की यात्रा उनकी पांच देशों की यात्रा का हिस्सा है, जो 2 जुलाई से 9 जुलाई तक चलेगी और इसमें 3 जुलाई से 4 जुलाई तक त्रिनिदाद और टोबैगो में रुकना भी शामिल है। दरअसल, पीएम मोदी की त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा, प्रधानमंत्री के रूप में उनकी पहली यात्रा होगी तथा 1999 के बाद से प्रधानमंत्री स्तर पर पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण होगा। (इनपुट-एएनआई)