ईरान-इजरायल तनाव के बीच ट्रंप ने नेतन्याहू को किया फोन

बेरूत में हुए हवाई हमलों के जवाब में इजरायल पर ईरानी मिसाइलों की बौछार के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को फोन पर बात की। यह जानकारी इजरायल के सरकारी टीवी चैनल कान टीवी ने दी।

हालांकि, इस फोन कॉल को लेकर न तो नेतन्याहू के कार्यालय और न ही ट्रंप के कार्यालय की ओर से तुरंत कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया। फोन कॉल से पहले ट्रंप ने इजरायल के चैनल 12 न्यूज से कहा था कि वह नेतन्याहू को जवाबी हमला न करने की सलाह देंगे, क्योंकि वह नहीं चाहते कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही युद्धविराम वार्ताएं टूट जाएं।

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा, “मैं ईरान से यही कहूंगा कि आपने अपनी मिसाइलें दाग दी हैं, अब बस कीजिए। बातचीत की मेज पर वापस आइए और समझौता कीजिए।” उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की ओर से मिसाइलें दागे जाने से पहले वॉशिंगटन और तेहरान किसी समझौते के बहुत करीब पहुंच चुके थे।

ट्रंप ने कहा, “हम बहुत करीब थे। मेरा मानना है कि आने वाले सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते थे। लेकिन अब यह घटना हो गई।” उन्होंने कहा, “यह निश्चित रूप से बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करेगी।”

सीएनएन के अनुसार, ईरान ने रविवार को कम से कम 10 बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल की ओर दागीं। ये मिसाइलें तीन अलग-अलग चरणों में छोड़ी गईं। इजरायली सेना का कहना है कि सभी मिसाइलों को रास्ते में ही रोक लिया गया।

सीएनएन द्वारा उद्धृत दो इजरायली सूत्रों ने कहा कि इजरायल इस हमले का ‘कड़ा जवाब’ देगा, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। इजरायली सेना ने रविवार रात बताया कि अब तक ईरान की ओर से चार मिसाइल हमलों की लहरें इजरायल की तरफ भेजी जा चुकी हैं।

फिलहाल किसी के घायल होने या किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, इन मिसाइल हमलों के कारण उत्तरी इजरायल के कई इलाकों में सायरन बजाए गए। (इनपुट-आईएएनएस)

 

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