अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द नहीं खोला गया तो ईरान को “बहुत कड़ी कार्रवाई” का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है, लेकिन तेहरान ने किसी भी तरह की वार्ता से इनकार किया है।
फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि यदि जलडमरूमध्य को “बहुत जल्द” नहीं खोला गया तो ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
इससे पहले ओवल ऑफिस में ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान को “अंतिम मौका” दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर बातचीत चल रही है और यह “संभवतः अगले ही दिन” खुल सकता है।
हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि फिलहाल अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची को छोड़कर सभी वार्ता से जुड़े अधिकारी ईरान में ही मौजूद हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरानी नेतृत्व को “दोहरा रवैया अपनाने वाला” बताते हुए आरोप लगाया कि एक ओर वह बातचीत की इच्छा जताता है और दूसरी ओर सार्वजनिक रूप से इससे इनकार करता है।
बकाई ने यह जरूर स्वीकार किया कि ईरान, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओमान के साथ परामर्श कर रहा है। उनके अनुसार, इन चर्चाओं में कोई अन्य देश शामिल नहीं है।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अमेरिकी हमले की योजना से घबरा गया है और जलडमरूमध्य को खोलने के लिए बातचीत करना चाहता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मुद्दे पर जल्द समाधान चाहता है।
रिपोर्ट के अनुसार, 17 जून को ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने संबंधी एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे, लेकिन बाद में ईरान द्वारा जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों और अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के बाद यह व्यवस्था विफल हो गई।
-आईएएनएस


